भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : जब तक सूरज चांद रहेगा, आकाश तेरा नाम रहेगा..."
इन नारों के साथ रायपुर में शहीद ASP आकाश राव गिरिपुंजे को अंतिम विदाई दी गई। माहौल बेहद भावुक था। बड़ी संख्या में लोग उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए।
सुकमा में नक्सलियों द्वारा किए गए IED ब्लास्ट में आकाश राव शहीद हो गए थे। मंगलवार को उनके पार्थिव शरीर को रायपुर के कुशालपुर स्थित निवास से माना स्थित चौथी वाहिनी के लिए रवाना किया गया।
परिजनों की आंखों में आंसू, दिल में गर्व
शहीद ASP के पार्थिव शरीर के साथ कलेक्टर, निगम आयुक्त, सीईओ जिला पंचायत सहित कई जिला अधिकारी, परिजन और शहरवासी मौजूद रहे।
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रायपुर के कुशालपुर इलाके में रहने वाले आकाश राव गिरिपुंजे सुकमा में एडिशनल एसपी के पद पर पदस्थ थे। उनके माता-पिता, पत्नी और दो छोटे बच्चे यहीं रहते हैं।
सबसे भावुक पल उस समय आया जब यह पता चला कि बुधवार को उनकी 6 साल की बेटी नव्या का जन्मदिन था। परिवार इस दिन के लिए तैयारी कर रहा था और आकाश भी बेटी के जन्मदिन में शामिल होने वाले थे। पर अब हालात बदल गए।
आंखें नम कर गया पिता का दर्द
जैसे ही बेटे की पार्थिव देह घर पहुंची, पिता गोविंद राव फूट-फूटकर रो पड़े।
"बेटा आज तूने तिरंगा पहना है, यह सबसे अनमोल है... यह सबको नसीब नहीं होता। तूने कहा था 9 तारीख को आऊंगा, अब ऐसे आया है... मैं क्या करूं?" परिजन उन्हें शांत करवाते रहे।
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चाचा की बातों ने भावुक किया माहौल
आकाश के चाचा बसंत राव ने कहा- "मैंने उसे गोद में खिलाया है। वह अनपढ़ पिता का पढ़ा-लिखा होनहार बेटा था। उसका भाई डॉक्टर है, और वह खुद पुलिस अधिकारी बना। हम कहते थे अगली बार SP बनकर आना... पर वो तिरंगे में लिपटा आया।"
उनका करियर बेदाग रहा। उन्होंने हर मोर्चे पर बहादुरी से डटकर मुकाबला किया। इसी वीरता के लिए उन्हें पदक भी मिला था। पर कायर नक्सलियों ने एक होनहार अफसर को देश से छीन लिया।
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