भिलाई में मिला बेहद दुर्लभ श्वेतवर्णी करैत, दक्षिण एशिया में भी गिने-चुने मामले; वन विभाग ने सुरक्षित किया रेस्क्यू
भिलाई। दुर्ग जिले के भिलाई-चरोदा क्षेत्र से एक बेहद दुर्लभ सर्प मिलने की खबर सामने आई है। पंचशील नगर स्थित एक घर में सफेद रंग का करैत दिखाई देने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षित रेस्क्यू किया। जांच में यह दुर्लभ श्वेतवर्णी (ल्यूसिस्टिक) करैत निकला, जिसे दक्षिण एशिया में भी बहुत कम देखा गया है।
जानकारी के अनुसार, 21 जुलाई को दुर्ग वनमण्डल के अंतर्गत चरोदा के पंचशील नगर में एक घर में सफेद रंग के सांप के दिखाई देने की सूचना वन विभाग को मिली। सूचना मिलते ही विभाग की टीम और सर्प रेस्क्यूअर विजय शर्मा मौके पर पहुंचे। पूरी सावधानी बरतते हुए सर्प का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया। शुरुआती जांच में ही स्पष्ट हो गया कि यह सामान्य करैत नहीं, बल्कि अत्यंत दुर्लभ श्वेतवर्णी करैत है।
रेस्क्यू के बाद विशेषज्ञों ने सर्प का विस्तृत परीक्षण किया। जांच में पुष्टि हुई कि यह वास्तव में श्वेतवर्णी करैत है। विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर में रंगद्रव्य (मेलानिन) की कमी के कारण बनने वाली इस दुर्लभ आनुवंशिक स्थिति को ल्यूसिज्म कहा जाता है। इस कारण सर्प का सामान्य काला-पीला रंग दिखाई नहीं देता और उसका शरीर सफेद या हल्के रंग का नजर आता है। इसे पूर्ण अल्बिनिज्म से अलग माना जाता है।
वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि प्राकृतिक रूप से श्वेतवर्णी करैत का मिलना बेहद दुर्लभ माना जाता है। दक्षिण एशिया में इसके मामले बहुत सीमित संख्या में दर्ज हैं। भारत में अब तक महाराष्ट्र और ओडिशा के कुछ स्थानों के अलावा नेपाल से ही ऐसे दुर्लभ करैत के रिकॉर्ड सामने आए हैं। ऐसे में छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में इसका मिलना प्रदेश की जैव विविधता, वन्यजीव संरक्षण और प्राकृतिक विरासत के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह खोज क्षेत्र के प्राकृतिक आवासों की समृद्धि और वन्यजीव संरक्षण के सकारात्मक संकेत भी देती है।
विशेषज्ञों की पुष्टि के बाद दुर्ग वनमण्डलाधिकारी दिपेश कपिल के निर्देशानुसार 23 जुलाई 2026 को इस दुर्लभ श्वेतवर्णी करैत को उसके प्राकृतिक पर्यावास में सुरक्षित छोड़ दिया गया। यह कार्रवाई दुर्ग रेंज के आर.ए. प्रमोद यादव, सर्प मित्र विजय शर्मा और सर्प विशेषज्ञ अविनाश मौर्या की मौजूदगी में राजनांदगांव वनमण्डल के आरक्षित वन कक्ष क्रमांक आरएफ-549 मनगटा में पूरी सावधानी के साथ पूरी की गई।
वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी क्षेत्र में सांप या अन्य वन्यजीव दिखाई दें तो उन्हें नुकसान पहुंचाने का प्रयास न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत वन विभाग या प्रशिक्षित सर्प रेस्क्यूअर को सूचना दें, ताकि वन्यजीवों का सुरक्षित संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
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ऑफिस से लौटते हुए राहुल ने जैसे ही कमरे का दरवाज़ा खोला,
उसे वही पुरानी घुटन महसूस हुई—एक छोटा सा कमरा,
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रात के करीब 11:30 बजे थे।
बाहर हल्की-हल्की बारिश हो रही थी। कमरे में सिर्फ एक ट्यूबलाइट..
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