भिलाई रेलवे के अफसर पर 50 हजार रिश्वत मांगने का आरोप, CBI ने दफ्तर में किया ट्रैप; कोर्ट ने भेजा 3 दिन की रिमांड पर..

भिलाई के चरोदा स्थित रेलवे के PP यार्ड में गुरुवार शाम उस वक्त हलचल बढ़ गई, जब CBI की टीम अचानक पहुंची। रेलवे ठेकेदार की शिकायत के बाद टीम ने सीनियर डिविजनल मैकेनिकल इंजीनियर यानी सीनियर डीएमई अनमोल उइके के कार्यालय में कार्रवाई शुरू की।

भिलाई चरोदा PP यार्ड में रेलवे अफसर के कार्यालय में CBI की कार्रवाई और रिश्वत मामले की जांच

मामला नए रेलवे ठेके और पहले किए गए काम के पुराने बिलों से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि इन कामों के बदले ठेकेदार से 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी।

कार्रवाई के बाद शुक्रवार को CBI टीम अनमोल उइके और ठेकेदार दीपक वर्मा को अपने साथ रायपुर ले गई। टीम ने जांच के दौरान मिले कई दस्तावेजों के साथ मोबाइल, लैपटॉप और डिजिटल सामग्री भी अपने कब्जे में ली।

रायपुर पहुंचने के बाद आरोपी को CBI की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने उसे 3 दिन की CBI रिमांड पर भेज दिया। अब 17 जुलाई तक उससे पूछताछ की जाएगी।

नए ठेके और पुराने भुगतान को लेकर शिकायत

पूरे मामले की शुरुआत रेलवे ठेकेदार दीपक वर्मा की शिकायत से हुई। बताया जा रहा है कि दीपक वर्मा PP यार्ड में रेलवे के ठेके से संबंधित काम करता है।

शिकायत में आरोप लगाया गया था कि नया काम दिलाने और पहले किए जा चुके काम के बकाया बिल पास कराने के बदले सीनियर डीएमई अनमोल उइके ने 50 हजार रुपये की मांग की थी।

शिकायत मिलने के बाद CBI की टीम ने पहले इसकी जांच की। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि होने के बाद टीम ने ट्रैप की कार्रवाई की तैयारी की।

केमिकल लगे नोटों का लिफाफा लेकर अफसर के पास पहुंचा ठेकेदार

गुरुवार शाम करीब 5 बजे CBI की टीम PP यार्ड पहुंची। बताया जा रहा है कि टीम में करीब 10 अधिकारी थे। इसमें दिल्ली के अलावा रायपुर और दुर्ग से पहुंचे अधिकारी भी शामिल थे।

कार्रवाई के तहत ठेकेदार दीपक वर्मा को केमिकल लगे नोटों वाला एक लिफाफा दिया गया। इसके बाद उसे अफसर के पास भेजा गया।

जैसे ही अनमोल उइके ने वह लिफाफा लिया, CBI अधिकारियों ने तत्काल कार्यालय में कार्रवाई शुरू कर दी।

इसके बाद अधिकारी के हाथ धुलवाए गए। बताया जा रहा है कि हाथों पर केमिकल का रंग दिखाई दिया।

कार्यालय की फाइलों और डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच

CBI की टीम ने कार्रवाई के दौरान सीनियर डीएमई के कार्यालय में मौजूद रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की।

टेंडर से संबंधित फाइलों के साथ पुराने काम के दस्तावेज, बिल और रजिस्टर भी देखे गए। इसके अलावा कार्यालय में तैनात अन्य अधिकारियों के मोबाइल और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

CBI अधिकारियों ने अनमोल उइके से पूछताछ की। गुरुवार शाम शुरू हुई कार्रवाई शुक्रवार दोपहर तक चलती रही।

इस दौरान कार्यालय से मिले दस्तावेजों और डिजिटल सामान की जांच की गई। इसके बाद रायपुर की WRS कॉलोनी स्थित घर पर भी जांच की गई।

जांच पूरी करने के बाद अनमोल उइके को रायपुर की CBI स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 3 दिन की CBI रिमांड पर भेज दिया। 17 जुलाई तक उनसे पूछताछ होगी।

हालांकि, इस पूरी कार्रवाई को लेकर CBI की तरफ से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

PP यार्ड में क्या होता है काम?

चरोदा स्थित PP यार्ड रेलवे के लिहाज से महत्वपूर्ण जगह है। यहां भिलाई स्टील प्लांट के लिए आयरन ओर और कोक लेकर आने वाली मालगाड़ियों के रैक को खाली किए जाने के बाद उनके वैगन की जांच की जाती है।

NSPCL के लिए कोक लेकर पहुंचने वाली मालगाड़ियों के वैगन भी इसी यार्ड में जांचे जाते हैं।

जांच के दौरान अगर किसी वैगन में टूट-फूट या तकनीकी खराबी मिलती है, तो उसकी मरम्मत कराई जाती है।

यार्ड में होने वाले इन कार्यों को अलग-अलग ठेकों के माध्यम से कराया जाता है। इसी ठेका व्यवस्था और पुराने बिलों के भुगतान को लेकर ठेकेदार की ओर से रिश्वत मांगने की शिकायत किए जाने की बात सामने आई है।

CBI की कार्रवाई से रेलवे में चर्चा तेज

PP यार्ड में CBI की कार्रवाई की खबर जैसे ही रेलवे के अधिकारियों और कर्मचारियों तक पहुंची, रायपुर रेल मंडल में हलचल बढ़ गई।

खास तौर पर ठेका देने और बिलों के भुगतान से जुड़े कामों को लेकर रेलवे के अंदर चर्चा तेज हो गई है।

फिलहाल मामले की जांच CBI के स्तर पर जारी है। कार्रवाई पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि जांच में कितनी रकम बरामद हुई, कौन-कौन से दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए गए और आगे किन लोगों पर कार्रवाई होती है। इस मामले में CBI की आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार है।