हावड़ा-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस में जांच के दौरान 1.242 किलो सोना मिलने से रेलवे सुरक्षा बल की टीम ने दो युवकों को पकड़ लिया। B-12 कोच से 7 सोने के बिस्किट और एक सोने की छड़ मिली है। जब्त सोने की कीमत करीब 2 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
महाराष्ट्र के रहने वाले सुरेश कुमार और धैर्यशील पर सोना हावड़ा से महाराष्ट्र ले जाने का आरोप है। दोनों ने सोने को जूते और अपनी जेब में छिपा रखा था।
रायपुर और नागपुर की टीम ने शुरू की जांच
स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर एयरपोर्ट पर हाई अलर्ट जारी होने के बाद ट्रेनों के जरिए सोना ले जाने की आशंका को देखते हुए निगरानी बढ़ाई गई है। इसी बीच गुरुवार को RPF क्राइम ब्रांच रायपुर और नागपुर की टीम ने DRI नागपुर के अधिकारियों के साथ मिलकर दुरंतो एक्सप्रेस में कार्रवाई की।
आरपीएफ क्राइम ब्रांच नागपुर के निरीक्षक को ट्रेन नंबर 12262 हावड़ा-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस में दो लोगों के सोना लेकर सफर करने की सूचना मिली थी।
सूचना के आधार पर रायपुर और नागपुर की RPF क्राइम ब्रांच टीम को DRI नागपुर के अधिकारियों के साथ जांच के लिए लगाया गया।
संयुक्त टीम ने रायपुर से नागपुर के बीच ट्रेन में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान B-12 कोच में दो संदिग्ध यात्री सुरेश कुमार और धैर्यशील मिले।
दोनों को भंडारा-नागपुर के बीच पकड़ा गया। तलाशी लेने पर उनके पास से 7 सोने के बिस्किट और एक सोने की छड़ बरामद हुई। इन सभी का कुल वजन करीब 1.242 किलो बताया गया है।
जांच में बरामद सोने को विदेशी सोना बताया गया है।
महाराष्ट्र में ज्वेलर्स तक पहुंचाने की आशंका
रायपुर मंडल के कमांडेंट रमन कुमार के मुताबिक, RPF क्राइम ब्रांच ने दोनों युवकों और जब्त सोने को आगे की जांच के लिए नागपुर DRI टीम को सौंप दिया है।
दोनों आरोपी सोना हावड़ा से मुंबई की ओर ले जा रहे थे। DRI अधिकारियों के अनुसार, बरामद सोना विदेशी होने की बात सामने आई है।
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि दोनों युवकों को सोना कहां से मिला था। आशंका जताई जा रही है कि महाराष्ट्र में किसी कंपनी या ज्वेलर्स तक इसकी डिलीवरी की जानी थी।
फिलहाल मामले की जांच नागपुर DRI कर रही है।
सोने के स्रोत और डिलीवरी लेने वाले की तलाश
नागपुर DRI ने सुरेश कुमार और धैर्यशील के खिलाफ कस्टम एक्ट, 1962 की धारा 135 के तहत मामला दर्ज किया है। दोनों से पूछताछ जारी है और उन्हें कोर्ट में पेश करने की प्रक्रिया चल रही है।
जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद सोना कहां से आया और इसे आगे किस व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था।
इसके साथ ही मामले से जुड़े अन्य लोगों और सोने की तस्करी से जुड़े नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
दुबई से बांग्लादेश और नेपाल के रास्ते पहुंचने की जानकारी
DRI के अनुसार, ट्रेनों के माध्यम से छोटे स्तर पर सोने की खेप भेजी जाती है। एजेंसी के मुताबिक, तस्करी का सोना दुबई से बांग्लादेश और नेपाल के रास्ते पश्चिम बंगाल तक पहुंचता है।
इसके बाद रेल मार्ग के जरिए इसे मुंबई, सूरत और अहमदाबाद जैसे शहरों तक भेजे जाने की जानकारी है।
बताया गया है कि इस तरह की खेप को एक साथ बड़ी मात्रा में भेजने के बजाय छोटी-छोटी मात्रा में अलग-अलग भेजा जाता है।

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