छ.ग की इन 3 हस्तियों को भारत सरकार ने पद्मश्री पुरस्कार के लिए चुना..........

भिलाई कि पत्रिका न्यूज़ : भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ की 3 हस्तियों जागेश्वर यादव ,  हेमचंद मांझी व कथक गुरु रामलाल बरेठ को पद्मश्री पुरस्कार के लिए चुना गया है । 

नारायणपुर जिले के ग्राम पंचायत छोटे डोंगर के ग्राम तारभाटा निवासी 72 वर्षीय हेमचंद मांझी को अबूझमाड़ जिले में वैद्यराज मांझी के नाम से जाना जाता है। 

स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए भारत सरकार मांझी को पद्मश्री से सम्मानित करेगी।हेमचंद मांझी  15 साल की उम्र से लोगों की नब्ज पकड़कर और आयुर्वेदिक दवाएं बताकर उनकी सेवा कर रहे हैं|

वह आदिवासियों का इलाज पारंपरिक आयुर्वेद से करते हैं। विभिन्न बीमारियों के मरीजों के इलाज के लिए बहुत ही मामूली राशि ली जाती है। 

नक्सलियों की बार-बार धमकियों और व्यक्तिगत हमलों के बावजूद, वह ईमानदारी और उत्साह के साथ लोगों की सेवा करते रहे।

जशपुर के आदिवासी समाज कल्याण कार्यकर्ता जागेश्वर यादव ने सामाजिक कार्य (आदिवासी पीवीटीजी) में पद्म श्री दिया जा रहा है | 

उन्होंने अपना जीवन बिरहोर हिल कोरवा लोगों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। जागेश्वर यादव ने कोरोना महामारी के दौरान आदिवासी लोगों को टीकाकरण करवाया। तमाम दिक्कतों के बाद भी उन्होंने अपने सेवा कार्य को जारी रखा |

रायगढ़ कला के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए रायगढ़ के कला गुरु रामलाल बरेठ को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है। 88 साल के रामलाल बरेठ मशहूर कथक नर्तक हैं|

 जिन्हें राजा चक्रधर के दरबार के रत्नों में से एक माना जाता है। रामलाल बरेठ ने राजा चक्रधर के सानिध्य में  रहकर नृत्य की शिक्षा ली। 

 उन्होंने बड़ी संख्या में कलाकारों को कथक नृत्य शैली से परिचित कराया और उन्हें नृत्य का ज्ञान दिया। केंद्र सरकार ने उन्हें 1996 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया। 

उन्हें 2002 में शिखर  सम्मान से भी पुरस्कृत किया जा चूका है। 2006 में छत्तीसगढ़ सरकार ने उन्हें राजा चक्रधर सम्मान से सम्मानित किया। उन्हें आज सीएम विष्णुदेव साय पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित होंगे |

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