भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : भिलाई , स्वयं सिद्धा संस्था की " कच्ची धूप" झुग्गी बस्ती से 15 से 22 साल की उम्र की लड़कियों को भिलाई के रिसाली में सीमा सुरक्षा बल मुख्यालय ले जाया गया। इस दौरान लड़कियों ने सेना के अधिकारियों के सामने खुलकर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं| कुछ ने कहा, सर, मैं देश की भलाई के लिए काम करना चाहती हूं, लेकिन मुझे नहीं पता कि 10वीं के बाद क्या करना है।
कई बच्चियों के घर की माली स्तिथि ख़राब है कुछ के पिता नहीं है| इसके बाद बीएसएफ आईजी आनंद प्रताप सिंह ने 10 वी की लड़कियों की ट्रेनिंग शुरू करने के निर्देश दिए| वर्तमान में, सेना हर दिन सुबह 7 बजे से सभी लड़कियों को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रशिक्षण मुहैय्या करवावाया जा रहा है| साथ ही आईजी ने सभी उपहार भी दिये।
संस्था प्रमुख डॉक्टर सोनाली चक्रवर्ती ने कहा, बस्ती की बेटियों को नहीं पता कि भविष्य में उन्हें कौन सी दिशा अपनानी है। हम सभी बच्चों से काफी उम्मीदें हैं| हम उन पर काफी खर्च भी करते हैं, लेकिन एक आबादी ऐसी भी है जो श्रमिक कॉलोनियों में रहती है. यहां के बच्चों को नहीं पता कि आगे क्या करना है|
विशेषकर लड़कियों की शादी कर उन्हें चूल्हा चक्की में दे दिया जाता है। उनकी प्रतिभा को कभी सही दिशा नहीं मिल पाती, इसलिए इस बार यहां की लड़कियों को ग्रीष्मकालीन कैम्प के तहत बीएसएफ में भ्रमण के लिए लाया गया।
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