भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : रायपुर. सोमवार को कर सुधारों पर एक बड़ा फैसला लेते हुए छत्तीसगढ़ GST विभाग ने एक जिले से दूसरे जिले में माल की आवाजाही के लिए ई-वे बिल सिस्टम शुरू की है। इस मामले पर नोटिस भी जारी किया गया है|
जिसके अनुसार व्यापारियों को एक जिले से दूसरे जिले में 50,000 रुपये से अधिक का माल भेजने पर ई-वे बिल जेनरेट करना होगा। वहीँ अधिसूचना जारी होने के बाद छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने प्रदेश के वाणिज्यिक कर मंत्री ओपी चौधरी को ज्ञापन सौंपा है| व्यावसायिक लेनदेन को आसान बनाने के लिए, पिछली ई-चालान सूचनाओं को बरकरार रखने की मांग की है|
छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रदेश अध्यक्ष अम्मार पारवानी ने बताया कि चैंबर ने पत्र के माध्यम से ईज डूइंग के तहत ई-वे बिल से संबंधित पूर्व अधिसूचना 10-31/2018/वाक/पांच (46) को बरकरार रखने निवेदन किया है। इलेक्ट्रॉनिक रोड बिल पर टिप्पणी करते हुए, वाणिज्य कर मंत्री ओपी चौधरी ने कहा देश में ई- वे बिल प्रणाली पहले ही शुरू की जा चुकी है।
भारत सरकार भी इस संबंध में लगातार आदेश जारी करती रही. यह पूछे जाने पर कि क्या इंस्पेक्टर राज का यह दूसरा रूप है, ओपी चौधरी ने कहा कि आईटी के जमाने में इंस्पेक्टर राज का मुद्दा दोबारा सामने नहीं आएगा. सब कुछ पारदर्शी तरीके से किया जा रहा है|
उन्होंने यह भी कहा कि इससे छोटे व्यापारियों को अनावश्यक परेशान नहीं किया जायेगा| उन्होंने इस संबंध में अधिकारियों को आदेश दिये गये है| यदि जीएसटी विभाग के अधिकारी बिना कारण बताए व्यापारियों को परेशान करेंगे तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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