भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : तेलंगाना , केरल मलप्पुरम के पोनन्नी के पास मारांचेरी के निवासी, 62 वर्षीय माराडिक्कल अली खान, एक अजीबोगरीब और दर्दनाक हादसे का शिकार हो गए। 16 जून की शाम को, वह एर्नाकुलम से हज़रत निज़ामुद्दीन जाने वाली 12645 मिलिनियम सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन में सवार होकर दिल्ली की यात्रा कर रहे थे। यह घटना तेलंगाना के रामागुंडम स्टेशन के पास घटी, जब ऊपरी बर्थ उनके ऊपर गिर गया।
हादसे का प्रभाव
मिडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अली खान उस समय ट्रेन के स्लीपर कोच की निचली बर्थ पर लेटे हुए थे, जब अचानक ऊपरी बर्थ टूटकर उनके ऊपर गिर गया। इस घटना में उनकी गर्दन की तीन हड्डियाँ टूट गईं और उनके हाथ और पैर लकवाग्रस्त हो गए। उन्हें वरंगल के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया और फिर उन्हें हैदराबाद के किंग्स मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल में शिफ्ट किया गया।
शुक्रवार को उनका ऑपरेशन किया गया, लेकिन सोमवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। मंगलवार को उनका शव मारांचेरी स्थित उनके घर लाया गया और बुधवार सुबह वदामुकु के कुन्नथ जुमा मस्जिद के कब्रिस्तान में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
रेलवे का स्पष्टीकरण
इस दर्दनाक घटना के बाद, दक्षिणी रेलवे ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि मीडिया में जो खबरें आ रही हैं कि बीच का बर्थ खुली हुई हालत में था या क्षतिग्रस्त था, वह गलत हैं। रेलवे ने स्पष्ट किया कि यह घटना यात्री द्वारा बीच के बर्थ को ऊपरी बर्थ के साथ सही तरीके से नहीं जोड़ने के कारण हुई थी।
सुरक्षा की आवश्यकता
यह हादसा ट्रेन यात्रा के दौरान सुरक्षा के महत्व को दर्शाता है। इस तरह की घटनाएँ यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा पर सवाल उठाती हैं और रेलवे प्रशासन को सुरक्षा मानकों को और सख्त बनाने की आवश्यकता को उजागर करती हैं।
यह घटना एक परिवार को शोक में डुबोने के साथ ही, अन्य यात्रियों के लिए भी एक चेतावनी है कि वे अपनी यात्रा के दौरान सावधान रहें और सुरक्षा मानकों का पालन करें।
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