भिलाई : 50 साल पुराने मकान-दुकान पर DIC व पॉलीबांड इंसुलेशन की कार्यवाई , पीड़ित महिला का आरोप बिना किसी पूर्व सूचना के मकान को किया ध्वस्त, कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन...

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : भिलाई के इंडस्ट्रीज एरिया में डीआईसी की कार्रवाई के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा जारी धरना प्रदर्शन ने जोर पकड़ लिया है। आरोप है कि डीआईसी ने पॉलीबांड इंसुलेशन नामक कंपनी के साथ मिलकर एक गरीब महिला, प्रीतलता देवांगन, का 50 साल पुराना घर और दुकान तोड़ दिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह कार्रवाई गैरकानूनी और अन्यायपूर्ण है।

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कांग्रेस का विरोध और धरना प्रदर्शन

मिडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कांग्रेस कार्यकर्ता दो दिनों से इस कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। कांग्रेस की ब्लॉक अध्यक्ष और पूर्व पार्षद तुलसी पटेल अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठी हैं। उनका कहना है कि जब तक डीआईसी उद्योग के बेजा कब्जा को नहीं तोड़ेगी, वे लोग प्रदर्शन जारी रखेंगे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पॉलीबांड कंपनी ने खुद डीआईसी की आधा एकड़ से अधिक जमीन पर कब्जा कर रखा है, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

महिला का दयनीय दुर्दशा 

प्रीतलता देवांगन, जो पिछले 50 वर्षों से इस स्थान पर रह रही थीं, ने बताया कि उनके पति की मृत्यु के बाद से ही पॉलीबांड कंपनी प्रबंधन उन्हें यहां से हटाने की धमकी दे रहा था। तीन दिन पहले बिना किसी पूर्व सूचना के, डीआईसी ने उनके घर और दुकान को ध्वस्त कर दिया, जिससे वे बेघर हो गईं। प्रीतलता का कहना है कि उन्हें इस कार्रवाई से पहले कोई नोटिस नहीं दिया गया और ना ही उनका कोई व्यवस्थापन किया गया।न उसके पास घर न ही खाने के पैसे ऐसे में वह कैसे गुजारा करेगी|

प्रशासन और पुलिस का पक्ष

भिलाई नगर निगम के कमिश्नर देवेश कुमार ध्रुव और जामुल थाना प्रभारी ने बताया कि यह कार्रवाई नियमों के तहत हुई है। डीआईसी ने थाने और निगम दोनों को पत्र लिखकर सूचित किया था कि उनकी जमीन पर अवैध कब्जा हो रहा है। इसके आधार पर ही कब्जा हटाने की कार्रवाई की गई।

पॉलीबांड कंपनी की चुप्पी

जब इस मामले पर पॉलीबांड इंसुलेशन कंपनी के अधिकारियों से प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। उनकी चुप्पी ने मामले को और भी संदिग्ध बना दिया है।इस पूरे मामले ने प्रीतलता देवांगन की दुर्दशा और कांग्रेस के धरना प्रदर्शन ने इस मुद्दे को और भी महत्वपूर्ण बना दिया है वे इस मामले की निष्पक्ष जांच और पीड़ित को न्याय दिलाने की मांग कर रहे है|

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