भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : नगर पालिक निगम भिलाई के सभागार में 1 जुलाई से नये कानूनो को लेकर जानकारी दी गई। अपराधिक कानूनो को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पुलिस विभाग द्वारा नगर निगम भिलाई के अधिकारी एवं कर्मचारियो को प्रशिक्षण दिया गया।
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जिसमें कुछ व्यवहारिक रूप से जो कानून में बदलाव किये गये है उसके बारे में बताया गया। भारतीय दण्ड संहिता आई.पी.सी. को अब भारतीय न्याय संहिता के नाम से जाना जायेगा।तीन नये कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम के तहत देश के कानूनो का परिपालन किया जायेगा।
व्यवहारिक रूप से आम जनता को जानने
वाली प्रमुख जानकारी बताते हुए पुलगांव थाना टी.आई. पुष्पेन्द्र भटट ने बताया कि
हिट एण्ड रन केस में मानवीय पहलू को जोड़ते हुए संशोधन किया गया है कि यदि किसी
व्यक्ति के वाहन से दुर्घटना हो जाती है व्यक्ति घायल सड़क पर पड़ा है, दुर्घटनाकर्ता को डर लगता है कि रूक कर मदद करूंगा तो पब्लिक हमे
मारेगी। वह वहां से भागकर वह निकटतम थाने में जाकर सूचित कर देता है कि मेरे
द्वारा दुर्घटना हो गई है।
यदि ब्यान देने वाला न्यायालय में जाकर मुकर जाता है तो पुलिस के समक्ष पूर्व वीडियो के रूप में दर्ज ब्यान को ब्यान के आधार पर आगे की कार्यवाही निर्धारित होगी। पूर्व ब्यान से अब वह मुकर नहीं पायेगा। पुलिस एवं न्यायालय को भी समय सीमा निर्धारित की गई है। सबकी जवाबदेही तय की गई है।
शर्ते यह होगी कि तीन दिन के अंदर व्यक्ति स्वयं थाने में आकर उपस्थित होना पड़ेगा। किसी भी केस में गवाही वीडियो कान्फे्रसिंग के माध्यम से हो पायेगी, जो मान्य होगा।
सुपेला थाने से उपनिरीक्षक मनीष
बाजपाई ने नये कानूनो के संबंध में नगर निगम भिलाई के अधिकारियों एवं
कर्मचारियोेेे द्वारा पुराने दण्ड संहिता के बदले नये न्याय संहिता से होने वाले
परिवर्तनो के बारे में जानकारी प्राप्त की। जो सबके लिए बहुत लाभ दायक रही।
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