छुट्टी के दौरान महिला सिपाही के साथ पकड़े गए डिप्टी एसपी को डिमोट कर सिपाही बनाया गया, पर्सनल मोबाइल बंद करके गायब होने पर पत्नी ने जाहिर की हत्या की आशंका तब जाकर मामले का हुआ पर्दाफाश...

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : लखनऊ, छुट्टी लेकर महिला सिपाही के साथ होटल में पकड़े गए डिप्टी एसपी को सिपाही बना दिया गया है। डीजीपी मुख्यालय की जांच के बाद डिप्टी एसपी को डिमोट करने का आदेश जारी किया गया है। जिसके बाद यह मामला वर्ष 2021 का है|

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जानकारी के मुताबिक जब उन्नाव में तैनात डिप्टी एसपी कृपा शंकर कनौजिया छुट्टी लेकर कानपुर के एक होटल में महिला सिपाही के साथ पाए गए थे। इस घटना के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई थी।

जारी आदेश के अनुसार, कृपा शंकर कनौजिया, जो उन्नाव के बीघापुर में सीओ के पद पर तैनात थे, को अपर पुलिस महानिदेशक (प्रशासन) के आदेश पर डिप्टी एसपी के पद से प्रथम नियुक्ति यानी आरक्षी के पद पर डिमोट किया जा रहा है।

कृपा शंकर कनौजिया वर्तमान में 26 बटालियन पीएसी वाहिनी में उप सेनानायक के पद पर तैनात थे, जो अब सिपाही के तौर पर कार्य करेंगे। महिला सिपाही के साथ होटल में पकड़े गए थे |दरअसल, वर्ष 2021 में उन्नाव के बीघापुर में तैनात डिप्टी एसपी कृपा शंकर कनौजिया छुट्टी लेकर अपने सीयूजी और पर्सनल मोबाइल बंद करके गायब हो गए थे। 

जब उनकी पत्नी ने उन्हें कॉल किया, तो मोबाइल स्विच ऑफ आया। चिंता में आकर उनकी पत्नी ने पति की हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद एसपी उन्नाव ने सक्रियता दिखाई और सर्विलांस की मदद से कृपा शंकर की लोकेशन ट्रेस की। 

पुलिस मौके पर पहुंची, तो कृपा शंकर कानपुर के एक होटल में महिला सिपाही के साथ पाए गए। इसके बाद डीजीपी ने उन्हें सस्पेंड करते हुए विभागीय जांच के आदेश दिए थे। महिला सिपाही को भी सस्पेंड कर दिया गया था। कृपा शंकर मूल रूप से देवरिया के रहने वाले हैं।

कृपा शंकर कनौजिया के इस अनुचित आचरण के बाद पुलिस विभाग में सख्त कदम उठाए गए। इस घटना ने पूरे विभाग में हलचल मचा दी और पुलिस अधिकारियों की कार्यप्रणाली और नैतिकता पर सवाल खड़े कर दिए। कृपा शंकर का कानपुर के होटल में महिला सिपाही के साथ पकड़े जाने के बाद, डीजीपी मुख्यालय ने तत्परता से जांच शुरू की और परिणामस्वरूप, उन्हें डिमोट करने का फैसला लिया।

इस मामले में पुलिस विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अनुशासनहीनता और अनैतिक आचरण किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। कृपा शंकर को डिप्टी एसपी से सिपाही के पद पर डिमोट करना विभाग के अनुशासन को बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। 

यह कार्रवाई अन्य अधिकारियों और कर्मियों के लिए भी एक चेतावनी है कि किसी भी तरह की अनुचित गतिविधि का सख्ती से निपटा जाएगा।घटना के समय कृपा शंकर की पत्नी द्वारा की गई शिकायत के बाद, पुलिस विभाग ने तुरंत कार्यवाही की और सर्विलांस की मदद से उनकी लोकेशन ट्रेस की गई। 

इसके बाद जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो कृपा शंकर को कानपुर के एक होटल में महिला सिपाही के साथ पाया गया। इस घटना के बाद दोनों को सस्पेंड कर दिया गया और विभागीय जांच शुरू की गई।

कृपा शंकर की डिमोशन के बाद, अब उन्हें सिपाही के पद पर तैनात किया गया है। यह निर्णय पुलिस विभाग के अनुशासन और नैतिकता को बनाए रखने के लिए आवश्यक था। इस घटना ने पुलिस विभाग को एक बार फिर से अपने अधिकारियों और कर्मियों के आचरण पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत को उजागर किया है।

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