दुर्ग: बिना वैध लाईसेंस के क्लीनिक संचालन करने वालो पर सख्त कार्यवाई, तीन दिनों के भीतर माँगा जवाब नहीं तो होगी कड़ी कार्यवाई...

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : दुर्ग जिले में फर्जी डिग्री के आधार पर क्लीनिक चलाने के मामले में प्रभा पटैरिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। बिना वैध डिग्री और नर्सिंग होम एक्ट के लाइसेंस के उन्होंने रूआबांधा बस्ती, भिलाई में आकृति नाम से क्लीनिक संचालित किया और कई बड़े निजी अस्पतालों में सेवाएं दीं।

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मिडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जिला स्वास्थ्य अधिकारियों को शिकायत मिलने के बाद, नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. अनिल शुक्ला ने मामले की जांच शुरू की। 8 जून को सीएमएचओ दुर्ग के निर्देश पर गठित टीम ने आकृति क्लीनिक में छापा मारा। छापेमारी के दौरान, प्रभा पटैरिया वैध दस्तावेज और डिग्रियाँ प्रस्तुत करने में असफल रहीं। इसके बावजूद, उन्होंने बिना नर्सिंग होम एक्ट का लाइसेंस लिए लोगों को गलत जानकारी देकर उनका इलाज किया।

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नोटिस में पूछा गया है कि जब उनके पास नर्सिंग होम एक्ट का लाइसेंस नहीं है, तो उन्होंने खून और पेशाब जांच जैसी सुविधाएँ किस आधार पर दीं। साथ ही, उन्होंने अपनी डिग्रियाँ BSC, BAMS, PGDYN और MHA बोर्ड में दर्शाकर लोगों को गुमराह किया। जो उनके पास नहीं थी| इसके अलावा, उनके क्लीनिक में अभिषेक पटैरिया भी बिना वैध डिग्री के मरीजों का उपचार करते हुए पाए गए।

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बता दे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रभा पटैरिया ने नर्सिंग होम एक्ट के संचालक डॉ. अनिल शुक्ला पर पैसे मांगने और गलत कार्रवाई करने के आरोप लगाए थे। इस पर नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि उन्होंने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर गलत आरोप लगाकर मीडिया को भ्रमित करने का काम किया। यह शासकीय कार्य में बाधा डालना और जनहित के खिलाफ है।

यदि प्रभा पटैरिया द्वारा तीन दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं दिया तो उनके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध डिग्री और लाइसेंस के चिकित्सा सेवा प्रदान करना कानूनन अपराध है और इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं|

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