भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : यूपी,फतेहपुर जिले के युवक विकास दुबे के मामले ने हर किसी को हैरान कर दिया जब उसने दावा किया कि उसे 40 दिन में सात बार सांप ने डंसा था। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग की जांच ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
घटना की शुरुआत
सौंरा गांव में चाय की दुकान चलाने वाले सुरेंद्र द्विवेदी के 24 वर्षीय बेटे विकास दुबे को 2 जून को पहली बार सांप ने काटा था। राम सनेही मेमोरियल हास्पिटल में डॉ. जवाहर लाल ने उसका उपचार किया। इसके बाद विकास ने छह बार और सांप के डसने की बात बताई।
यहाँ तक की सांप से बचने उसने मौसी और चाचा के घर भी शरण ली वहां पर उसे सांप ने काट लिया| बार-बार सांप काटने और एक ही अस्पताल में इलाज कराने पर स्वास्थ्य विभाग ने शक के आधार पर जांच का फैसला लिया।जिसके बाद यह बात भी सामने आई की उसे सपना आया की सांप के 9 वी बार काटने पर उसकी मौत हो जायेगी| जिसके बाद अब परिवार वाले उसे मेहंदीपुर बालाजी लेकर गए हुए है|
जांच की प्रक्रिया
इसी बीच स्वास्थ्य विभाग और वन विभाग की टीम ने राम सनेही नर्सिंग होम और विकास के घर का निरीक्षण किया। सीएमओ डॉ. राजीव नयन गिरि, एसडीएम प्रदीप रमन, नायब तहसीलदार सिटी विजय प्रकाश तिवारी, एडीशनल सीएमओ डॉ. इस्तियाक अहमद, डॉ. राजेंद्र वर्मा, और डॉ. एनके सक्सेना ने अस्पताल पहुंचकर विकास की चिकित्सा फाइलों की जांच की।
खुलासे और सर्पदंश निशान
टीम ने विकास दुबे और अन्य सर्पदंश पीड़ितों के सर्पदंश निशानों का मिलान किया। पहली बार के निशान सर्पदंश के निशानों जैसे थे, लेकिन अन्य छह बार के निशान अलग थे। इसके अलावा, किसी ने भी सांप को विकास के आसपास नहीं देखा था, जो इस मामले को और भी संदेहास्पद बना रहा।
मानसिक स्थिति और स्नेक फोबिया
जांच में यह पाया गया कि विकास दुबे को स्नेक फोबिया है। डॉक्टरों ने उसे मनोरोग चिकित्सक से उपचार लेने की सलाह दी। यह भी सामने आया कि विकास ने केवल शनिवार और रविवार को ही सांप के काटने का दावा किया था और उसने सपना देखा था कि सांप उसे नौ बार काटेगा।
क्या है स्नैक फोबिया
किसी चीज से बहुत ज्यादा डर जाने के बाद फोबिया हो जाता है. विकास को भी सांप के एक बार काटने के बाद स्नैक फोबिया हो गया. उसे बार-बार लगता था कि वह सांप दोबारा आ गया और उसे डस लिया. इसी कारण उसने सभी को बताया कि उसे 40 दिनों में एक फन वाले सांप ने ही सात बार डस लिया है|
जांच टीम ने स्पष्ट किया कि विकास दुबे को सात बार सांप ने डंसा, लेकिन एक बार भी किसी ने सांप को नहीं देखा। इसके बाद डॉक्टरों ने विकास को स्नेक फोबिया से पीड़ित बताया और मानसिक उपचार की सलाह दी है|
विकास दुबे का यह मामला केवल एक चिकित्सा जांच का ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को भी उजागर करता है। इस तरह के मामले हमें सिखाते हैं कि किसी भी घटना के पीछे छिपी सच्चाई को जानना कितना महत्वपूर्ण है।
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