भिलाई की पत्रिका न्यूज़ :छग , दुर्ग जिला मुख्यालय के स्टेशन रोड पर स्थित तरुण टाकीज के सामने बने होटल गारनेट इन में सोमवार दोपहर अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। आग लगने के कारण होटल धुंए से भर गया और वहां ठहरे लोगों में भगदड़ मच गई। तुरंत सूचना मिलने पर दुर्ग के अग्निशमन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और आग पर काबू पाया।
समय रहते की गई कार्रवाई
जिला अग्निशमन अधिकारी नागेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें दोपहर को होटल में आग लगने की सूचना मिली थी। बिना देरी किए, उन्होंने टीम को रवाना किया। आग के कारण होटल में अफरा-तफरी का माहौल था और धुंए के कारण कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। अग्निशमन कर्मियों ने देखा कि होटल के अंदर कई लोग फंसे हुए थे।
किचन से शुरू हुई आग
जांच में पता चला कि आग होटल के किचन में लगी थी। सबसे पहले किचन से गैस सिलेंडर को बाहर निकाला गया ताकि कोई बड़ा विस्फोट न हो। इसके बाद एक टीम ने आग बुझाने का काम शुरू किया, जबकि दूसरी टीम ने होटल के अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
बहादुरी और तत्परता
फायर ब्रिगेड की टीम ने एक गाड़ी पानी की मदद से आग पर क़ाबू पाया। अग्निशमन अधिकारी नागेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि समय पर आग बुझा ली गई नहीं तो एक बड़ा हादसा हो सकता था। मोहन नगर पुलिस मामले की जांच कर रही है और आग लगने के कारणों का पता लगाने में जुटी है।
धुंए को बाहर निकालने की प्रक्रिया
जब दमकल कर्मी आग बुझाने पहुंचे, तो पूरा होटल धुंए से भरा हुआ था। अंदर कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। इसलिए उन्होंने पहले एक एक्सटर्नल बड़ा वैक्यूम मशीन लगाकर होटल के अंदर भरे धुंए को बाहर निकाला। जब अंदर थोड़ा दृश्यता बढ़ी, तो लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
दमकल कर्मियों की तत्परता और बहादुरी से एक बड़ा हादसा टल गया। समय रहते आग को बुझा लिया गया, नहीं तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी। आग लगने के कारणों की जांच जारी है, लेकिन फिलहाल सभी लोग सुरक्षित हैं और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि आपातकालीन सेवाओं की तत्परता और समर्पण से कई लोगों की जान बचाई जा सकती है।

