भगवान ऐसा दोस्त किसी को न दे : दुर्घटना में घायल दोस्त को छोड़कर भागा साथी, इलाज के अभाव में युवक की मौत, कोर्ट का फैसला सुनते ही लोगों के रौंगटे खड़े...

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : महाराष्ट्र के परसापुर से उज्जैन की ओर बाइक पर निकले दो दोस्तों के बीच का भरोसा टूट गया जब एक की लापरवाही ने दूसरे की जान ले ली। 20 दिसंबर 2022 को कैलाश चौधरी और अजय सिंह उज्जैन की यात्रा पर थे जब उनकी बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। दुर्घटना में बाइक चला रहे कैलाश को पेट और कमर में चोटें आईं, जबकि पीछे बैठे अजय सिंह के सिर में गंभीर चोट आई और वह बेहोश हो गया। 

जानवर से टकराकर हुई दुर्घटना

घटना मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के शाहपुर क्षेत्र में डोंगरगांव के पास हुई, जब उनकी बाइक रात के समय किसी जानवर से टकराकर गिर गई। दुर्घटना के बाद कैलाश ने अजय की मदद करने के बजाय उसे तड़पता छोड़ दिया और खुद इंदौर चला गया। कैलाश ने न तो पुलिस को, न ही एंबुलेंस को सूचित किया, और न ही अजय के परिजनों को सूचना दी।

समय पर मदद न मिलने से मौत

अगले दिन सुबह राहगीरों ने अजय सिंह को देखा और 108 एंबुलेंस को सूचना दी। अजय को जिला अस्पताल बुरहानपुर में भर्ती करवाया गया, लेकिन समय पर इलाज न मिलने के कारण उसकी मौत हो गई। 

न्यायालय का फैसला

इस मामले में बुरहानपुर सत्र न्यायालय ने कैलाश चौधरी को दोषी करार देते हुए दो साल के सश्रम कारावास और 5,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। पुलिस ने कैलाश के खिलाफ 13 जनवरी 2023 को अभियोग पेश किया था। कोर्ट के फैसले ने दोस्ती और इंसानियत के बीच के धागे को मजबूत संदेश दिया है कि संकट के समय में एक दूसरे की मदद करना ही सच्ची मित्रता और मानवता है।

यह घटना हमें यह सिखाती है कि दुर्घटनाओं के समय तत्काल मदद करना कितना महत्वपूर्ण होता है। कैलाश की लापरवाही ने एक जान ले ली और उसे जेल की सजा के साथ-साथ समाज में नकारात्मक छवि भी दे दी।

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