भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : छत्तीसगढ़ अंबिकापुर , सरगुजा की एक मासूम बच्ची के साथ उसके पिता और बड़े पिता द्वारा किए गए दुष्कर्म के मामले में कोर्ट ने इसे दुर्लभ अपराध मानते हुए कठोर सजा सुनाई है। घटना की जानकारी बच्ची की मां ने पुलिस को दी, जिसके बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
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बड़े पिता ने की पहली वारदात:
18 नवंबर 2020 को, गांधीनगर थाना क्षेत्र की 12 वर्षीय बच्ची अपने माता-पिता के साथ नाना-नानी के घर गई हुई थी। इसी दौरान बड़े पिता ने बच्ची को अकेला पाकर जबरन उसके साथ दुष्कर्म किया। बच्ची ने शोर मचाने का प्रयास किया, तो बड़े पिता ने गला दबाकर जान से मारने की धमकी दी।
पिता ने भी किया दुष्कर्म:
कुछ महीने बाद, 18 जुलाई 2021 को बच्ची के पिता ने अपनी बेटी को बोरवेल का पंप बंद करने भेजा। वहां पिता ने अपनी बेटी के साथ जबरन दुष्कर्म किया। पहले बड़े पिता और फिर अपने ही पिता द्वारा किए गए इस हैवानियत से बच्ची ने अपनी मां को सब कुछ बता दिया।
मां ने दिखाई हिम्मत:
बच्ची की मां ने इस बार हिम्मत जुटाकर अपने परिजनों के साथ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जांच के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
कोर्ट का फैसला:
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट पोक्सो एक्ट के जज कमलेश जगदल्ला ने इस मामले को गंभीर और दुर्लभ मानते हुए कठोर सजा सुनाई। बड़े पिता को धारा 506 (2), धारा 376 (क)(ख), धारा 376(2)(च), और धारा 5(ढ) एवं (ड)/6 के तहत आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा मिली।
पिता को भी मिली सजा:
आरोपी पिता को धारा 202, धारा 506, धारा 342, धारा 376(2)(च), धारा 376(3), और धारा 5 (ढ)/6 के तहत आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
क्षतिपूर्ति
कोर्ट ने नाबालिग बच्ची को क्षतिपूर्ति योजना के तहत 5 लाख रुपए देने की भी अनुशंसा की है।इस घिनौनी घटना ने समाज को झकझोर कर रख दिया है। कोर्ट के इस फैसले से उम्मीद है कि ऐसे अपराधों पर अंकुश लगेगा और पीड़ितों को न्याय मिलेगा।
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