भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : 23 सितंबर 2024 की रात लखनऊ में एक हृदयविदारक घटना घटी, जहां मात्र 1.05 लाख रुपए के मोबाइल फोन के लिए एक डिलीवरी बॉय, भरत साहू की हत्या कर दी गई। यह वारदात लखनऊ के चिनहट इलाके में हुई, जहां आरोपी गजानन उर्फ गजेंद्र और उसके साथी ने उसे फोन डिलीवरी के बहाने अपने घर बुलाकर उसकी हत्या कर दी। इस घटना ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया है, जहां एक व्यक्ति को इतनी निर्दयता से मार दिया गया, और उसका शव नहर में फेंक दिया गया।
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घटना का विवरण: कैसे हुई यह हत्या
घटना 23 सितंबर को शुरू हुई जब गजानन नाम के व्यक्ति ने फ्लिपकार्ट से दो मोबाइल फोन, एक वीवो और एक गूगल पिक्सल, कैश ऑन डिलीवरी पर ऑर्डर किए। इन फोन की कीमत 1.05 लाख रुपए थी। भरत साहू, जो कि एक डिलीवरी बॉय था, निशातगंज इलाके का निवासी था और उसे ये फोन गजानन के घर डिलीवर करने भेजा गया।
जब भरत गजानन के घर पहुंचा, तो गजानन ने उसे फोन की पेमेंट के लिए घर के अंदर बुलाया। कमरे में प्रवेश करते ही गजानन और उसके एक साथी ने मिलकर भरत का गला दबा दिया और उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद उन्होंने भरत के शव को उसके ही डिलीवरी बैग में डाल दिया। रात के अंधेरे में दोनों आरोपी शव को कार में रखकर इंदिरा नहर ले गए और वहां उसे फेंक दिया।
भरत के गायब होने की खबर
जब भरत रात तक घर नहीं लौटा, तो उसके परिवार वालों ने उसकी खोजबीन शुरू की। दो दिन बाद, 25 सितंबर को भरत के परिवार ने चिनहट थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने भरत के मोबाइल नंबर की लोकेशन और कॉल डिटेल्स की जांच शुरू की, जिससे गजानन तक पहुंचने में मदद मिली।
जांच में हुआ खुलासा
पुलिस ने गजानन को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की, लेकिन आरोपी बार-बार बयान बदलता रहा। शुरू में उसने कहा कि हत्या एक iPhone के लिए की गई थी, लेकिन बाद में यह पता चला कि हत्या वास्तव में वीवो और गूगल पिक्सल फोन के लिए की गई थी। पुलिस ने फोन ऑर्डर करने वाली कंपनी इंस्टा कार्ट प्राइवेट लिमिटेड के लखनऊ इंचार्ज से बातचीत की, जिससे पता चला कि गजानन ने ही ये फोन ऑर्डर किए थे।
शव की खोज और आगे की जांच
घटना के कुछ दिनों बाद भरत की बाइक घटनास्थल के पास पाई गई, लेकिन उसका शव और मोबाइल फोन अभी भी पुलिस के लिए तलाश का विषय बना हुआ है। पुलिस इंदिरा नहर में भरत के शव की खोज कर रही है। जांच में सामने आया है कि गजानन और उसके साथी ने पहले भरत का गला दबाया, और मौत की पुष्टि करने के लिए तार से उसका गला कसा। शव को बोरी में भरकर नहर में फेंक दिया गया।
हत्या का मकसद
हालांकि गजानन और उसके साथी ने हत्या को मोबाइल फोन के लालच में किया, लेकिन इसके पीछे की असली वजह अभी भी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस ने कहा है कि आरोपियों द्वारा दिए गए बयान की सटीकता की पुष्टि शव बरामद होने के बाद ही की जा सकेगी।
भरत का परिवार और उसकी जिंदगी
भरत साहू, जो 3 साल से इस डिलीवरी कंपनी में काम कर रहा था, इससे पहले दिल्ली में फ्लिपकार्ट के लिए काम करता था। वह अपनी पत्नी अखिलेश कुमारी के साथ चिनहट इलाके में किराए के मकान में रहता था। उसकी शादी 2012 में हुई थी, लेकिन उसके बच्चे नहीं थे। भरत का परिवार उसकी तलाश में दिन-रात एक कर रहा था, यहां तक कि मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव तक से भी पत्र लिखकर मदद मांगी गई थी।
आरोपियों की पृष्ठभूमि
गजानन, जो कि इस हत्या का मुख्य आरोपी है, पहले भरत के साथ इसी कंपनी में काम कर चुका था। उसने कंपनी की हर प्रक्रिया और डिलीवरी सिस्टम की अच्छी जानकारी थी, जिसका उसने फायदा उठाकर घटना को अंजाम दिया। इस घटना ने एक बार फिर से यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि किस हद तक लोग पैसों और लालच में गिर सकते हैं।
यह घटना न केवल भरत के परिवार के लिए एक गहरा आघात है, बल्कि समाज के लिए एक बड़ी चेतावनी भी है। ऐसे अमानवीय कृत्य हमें यह सोचने पर मजबूर करते हैं कि हम किस दिशा में जा रहे हैं। पैसों के लिए इंसान की जान लेना, समाज में व्याप्त असंवेदनशीलता और नैतिक पतन को दर्शाता है। पुलिस इस मामले में अपनी जांच जारी रखे हुए है और उम्मीद है कि जल्द ही भरत के परिवार को न्याय मिलेगा।
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