शिवनाथ नदी में 2 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा, बाढ़ का खतरा गहराया: SDRF ने 36 लोगों को सुरक्षित निकाला, प्रशासन ने जारी की चेतावनी...

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : दुर्ग जिले में हाल ही में शिवनाथ नदी में अचानक बाढ़ का खतरा मंडराने लगा जब अलग-अलग जलाशयों से भारी मात्रा में पानी छोड़ा गया। सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक हुई मूसलधार बारिश ने शिवनाथ नदी के जलस्तर को खतरनाक रूप से बढ़ा दिया। करीब 2 लाख 4 हजार 346 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से नदी उफान पर आ गई है, जिससे तटीय इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है।

बाढ़ की गंभीरता और बचाव कार्य

मोंगरा, खट्टोला, घुमरिया और सूखा नाला जैसे जलाशयों से आने वाले पानी के कारण शिवनाथ का जलस्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया है। महमरा एनीकट पर जलस्तर 10 फीट तक पहुँच चुका है और रात तक और बढ़ने की संभावना है। प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों में चेतावनी जारी कर दी है और लोगों को तटीय क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

इस बाढ़ की स्थिति में सबसे संवेदनशील स्थिति अंडा थाना क्षेत्र के ग्राम अछोटी में देखने को मिली, जहां शिवनाथ नदी के किनारे स्थित दो ईंट भट्टियों में 19 लोग फंस गए थे। इनमें महिलाएं, पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग शामिल थे। सूचना मिलने पर, जिला प्रशासन और SDRF (राज्य आपदा मोचन बल) ने त्वरित कार्रवाई की। SDRF की टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी 19 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसी प्रकार, खैरागढ़ के धनगांव में भी दो परिवारों के 17 लोग बाढ़ में फंस गए थे। यहां भी SDRF की टीम ने सफलतापूर्वक उनका रेस्क्यू किया।

प्रशासन की तत्परता

शिवनाथ जल संसाधन मंडल दुर्ग के अधीक्षण अभियंता एस.के. पांडे के मुताबिक बाढ़ की संभावनाओं को देखते हुए पहले ही गांवों में मुनादी करा दी गई थी। लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।

इस तरह के त्वरित बचाव अभियान से यह सिद्ध होता है कि आपदा प्रबंधन और सुरक्षा दलों की तत्परता और समर्पण से बड़ी से बड़ी आपदा को भी प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है।

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