भिलाई के स्कूल में 5 साल की बच्ची से कथित गलत व्यवहार का मामला: पुलिस ने दर्ज की FIR , विवादित टीसी आवेदन के बीच सच्चाई की खोज जारी...

 भिलाई की पत्रिका न्यूज़ :छत्तीसगढ़ के भिलाई शहर स्थित एक प्रमुख इंग्लिश मीडियम स्कूल में 5 साल की छात्रा के साथ कथित रूप से गलत व्यवहार का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने हाल ही में पास्को (Protection of Children from Sexual Offences Act) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। यह मामला खासा विवादित हो गया है, जिसमें राजनीतिक दबाव और विरोध का प्रमुख भूमिका रही है।

पुलिस द्वारा दर्ज मामला

दैनिक भास्कर पोर्टल में प्रकाशित खबर के मुताबिक दुर्ग पुलिस ने बच्ची के परिजनों द्वारा स्कूल को दिए टीसी (Transfer Certificate) के आवेदन के आधार पर पास्को एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। जबकि बच्ची के परिजन राजनीतिकरण से परेशान होकर टीसी लेना चाह रहे थे |पुलिस का कहना है कि आवेदन में 'एव्यूज' शब्द का प्रयोग किया गया था, जिससे मामला स्पष्ट नहीं हो पा रहा था। इस आवेदन के कारण स्कूल प्रबंधन ने टीसी देने से इनकार कर दिया था। मीडिया में खबरें आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और पाया कि आवेदन में बच्ची के साथ हुए गलत व्यवहार का जिक्र है, हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा था कि परिजनों ने लैंगिक छेड़छाड़ का आरोप लगाया है या अन्य कोई मामला है।

परिजनों की प्रतिक्रिया

पुलिस द्वारा मामला दर्ज करने के बाद परिजनों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि उनके द्वारा भेजे गए पत्र में किसी भी प्रकार के गलत व्यवहार का उल्लेख नहीं किया गया था। परिजनों ने यह भी स्पष्ट किया है कि वे लैंगिक छेड़छाड़ के आरोपों से इनकार करते हैं|

डॉक्टर की रिपोर्ट

इस मामले की शुरुआत दो महीने पहले तब हुई जब बच्ची की तबीयत बिगड़ी और उसे पेशाब में जलन और दर्द की शिकायत हुई। परिजनों ने एक निजी अस्पताल के डॉक्टर से जांच करवाई, जिसमें लैंगिक छेड़छाड़ की पुष्टि नहीं हुई, बल्कि यूटीआई (यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन) की बात सामने आई। डॉक्टर का कहना है कि छोटी बच्चियों में इस प्रकार के इंफेक्शन आम बात हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इस मामले को लेकर पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया था। उन्होंने दुर्ग एसपी की आलोचना की और एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया, जिससे सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा।  पुलिस ने मामला दर्ज किया और पुनः जांच शुरू की।

5 जुलाई को भिलाई के स्कूल में नर्सरी की पांच वर्षीय छात्रा की तबीयत बिगड़ी, जिसमें पेशाब में जलन और दर्द की शिकायत थी। आरोपित स्कूल की एक आया थी, लेकिन डॉक्टरी जांच में लैंगिक छेड़छाड़ की पुष्टि नहीं हुई, बल्कि यूटीआई इंफेक्शन का पता चला। इस संवेदनशील मामले को लेकर मीडिया, पुलिस, और राजनीति में हलचल मची रही, जिसके चलते मामला दर्ज किया गया और जांच की गई।

इस मामले में पुलिस की जांच और कार्रवाई के पीछे राजनीतिक दबाव और जनता के विरोध का बड़ा हाथ माना जा रहा है। मामला दर्ज होने के बावजूद, डॉक्टरी रिपोर्ट और परिजनों के बयान ने इसे एक विवादित और जटिल स्थिति में डाल दिया है। वर्तमान में, पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निष्कर्ष पर पहुँचने का प्रयास कर रही है।

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