भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : हिमांशु मिश्रा की कहानी ने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है। ये कहानी एक ऐसे युवक की है, जिसने ऑनलाइन गेमिंग की लत में अपने जीवन को एक अंधकारमय मोड़ पर पहुंचा दिया। 22 वर्षीय हिमांशु, बिहार का रहने वाला, एक बार ऑनलाइन गेमिंग के जाल में फंसा और फिर कर्ज के भारी दलदल में डूबता चला गया। कुल 96 लाख रुपये का कर्ज, माता-पिता का साथ छूटना, और परिवार से दूरी ने हिमांशु को जीवन के उस मुकाम पर लाकर खड़ा कर दिया जहाँ उसने सुसाइड करने तक के ख्याल सोचे।
जेईई पास करके भी बर्बादी की कगार पर
हिमांशु एक प्रतिभाशाली छात्र था जिसने जेईई जैसी परीक्षा पास की थी। उसने बीटेक में दाखिला भी लिया था, लेकिन उसकी जिंदगी का एक गलत फैसला उसकी मेहनत पर भारी पड़ गया। अपनी पढ़ाई के लिए जमा किए पैसे उसने ऑनलाइन गेमिंग में गंवा दिए। ये खेल उसके लिए सिर्फ मनोरंजन नहीं रहा बल्कि एक अंधी दौड़ बन गया, जिसमें उसने अपनी जमा पूंजी ही नहीं, अपने माता-पिता के अकाउंट से भी पैसे निकालने शुरू कर दिए।
कर्ज में डूबने की शुरुआत
हिमांशु ने बताया कि सबसे पहले उसने अपनी मां के अकाउंट से पैसे निकालने शुरू किए। जब वह एक बार हारता, तो उसे लगता अगली बार वह हार का बदला लेगा। लेकिन बार-बार हारने और नुकसान की भरपाई की चाहत ने उसे और गहरे कर्ज में धकेल दिया। 28 हजार रुपये अपनी मां के अकाउंट से और 88 हजार रुपये अपने पिता के अकाउंट से निकालकर उसने गेमिंग में गंवा दिए।
धोखा और छल का रास्ता
पैसे जुटाने के लिए हिमांशु ने अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से उधार मांगा। यहां तक कि उसने धोखे से भी पैसे जुटाने की कोशिश की। उसकी एक दोस्त की बहन की शादी के पैसे भी उसने ऑनलाइन गेमिंग में लगा दिए। लेकिन नुकसान की भरपाई नहीं हो पाई और कर्ज बढ़ता ही गया। जब परिवार को इसकी जानकारी मिली, तो सभी ने उससे किनारा कर लिया। माता-पिता ने उससे बात करना बंद कर दिया, जिससे उसकी मानसिक स्थिति और बिगड़ने लगी।
इंटरनेट पर चर्चा का केंद्र
हिमांशु की दर्दनाक कहानी जब एक शो में सामने आई तो लोगों ने उसे बड़े पैमाने पर सोशल मीडिया पर शेयर किया। वह हाल ही में शालिनी कपूर के पॉडकास्ट में भी आए, जहाँ उन्होंने अपने जीवन की ये कहानी एक बार फिर साझा की। इस कहानी ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया। कुछ लोग उसे सहानुभूति दे रहे हैं तो कुछ इसे महज एक "वायरल स्टंट" कह रहे हैं।
सीखने की जरूरत
हिमांशु मिश्रा की कहानी सिर्फ एक व्यक्ति की त्रासदी नहीं है, बल्कि यह एक चेतावनी है। ऑनलाइन गेमिंग की लत कितनी घातक हो सकती है, इसका जीता-जागता उदाहरण हिमांशु हैं। उनकी कहानी युवाओं के लिए एक सबक है कि कैसे एक गलत कदम उनके जीवन को बर्बाद कर सकता है। समाज को भी इस तरह के मुद्दों पर जागरूकता फैलानी चाहिए ताकि और कोई हिमांशु मिश्रा बनने से बच सके।
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