भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : छग , रायपुर हिंदी दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए घोषणा की है कि राज्य के मेडिकल कॉलेजों में अब एमबीबीएस की पढ़ाई हिंदी भाषा में कराई जाएगी। यह निर्णय विशेष रूप से हिंदी भाषी क्षेत्रों के छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत साबित होगा, जो अब अपनी मातृभाषा में चिकित्सा शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।
ग्रामीण छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि इस कदम से विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को बहुत लाभ होगा। मेडिकल की पढ़ाई अब हिंदी में होने से छात्रों का अंग्रेजी का डर कम होगा और उन्हें अपने अध्ययन पर बेहतर तरीके से ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिलेगा। इससे डॉक्टरों और मरीजों के बीच संवाद भी सरल और प्रभावी हो सकेगा, जो चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ी चुनौती होती है।
नई शिक्षा नीति का परिणाम
मुख्यमंत्री साय ने यह भी बताया कि यह निर्णय नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत लिया गया है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तुत किया गया था। उन्होंने कहा कि यह नीति हिंदी भाषा के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगी और इसे पूरे देश में व्यापक रूप से लागू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में हिंदी को प्राथमिकता
साय ने जोर देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में हिंदी को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि अब राज्य में सभी सरकारी कामकाज हिंदी में होने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे हिंदी का महत्व और भी बढ़ेगा।
नए शैक्षणिक वर्ष से लागू होगी हिंदी में पढ़ाई
सरकार ने यह निर्णय लिया है कि इस वर्ष से ही प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों में एमबीबीएस की पढ़ाई हिंदी भाषा में शुरू की जाएगी। इससे न सिर्फ छात्रों को अपनी भाषा में पढ़ाई का लाभ मिलेगा, बल्कि चिकित्सा क्षेत्र में नई दिशा और दृष्टिकोण का विकास भी होगा।
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