भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : यूपी के प्रयागराज से हाल ही में एक दिल दहलाने वाला मामला सामने आया, जिसमें एक 18 साल के लड़के ने आईफोन खरीदने के लिए अपने ही पड़ोसी बुजुर्ग की हत्या कर दी। यह घटना इतनी चौंकाने वाली थी कि पुलिस के सामने भी शुरुआत में मामला उलझा हुआ लगा। लेकिन, गहराई से जांच के बाद इस हत्यारे की चालाकी और उसकी योजना का पर्दाफाश हो गया।
अपराध की पृष्ठभूमि
यह घटना प्रयागराज के करेली इलाके में हुई, जहां चन्द्र प्रकाश श्रीवास्तव नामक एक बुजुर्ग अकेले रहते थे। उनका पड़ोसी आदित्य मौर्या उनसे अच्छे संबंध रखता था, जिसकी वजह से चन्द्र प्रकाश ने अपनी बैंक पासबुक और एटीएम की जानकारी उसे दी थी। एक दिन आदित्य ने बुजुर्ग का एटीएम चुरा लिया और बैंक से पैसे निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी। लेकिन, चन्द्र प्रकाश के मोबाइल पर पैसे निकाले जाने के मैसेज जाने लगा | आदित्य ने तब उनके मोबाइल को चुराने की सोची।
हत्या की घटना
रात के अंधेरे में आदित्य ने चन्द्र प्रकाश के घर में घुसकर मोबाइल चुराने की कोशिश की। लेकिन गलती से टेबल से पैर टकरा जाने के कारण चन्द्र प्रकाश जाग गए। आदित्य ने घबराकर दरवाजे से जोरदार धक्का दिया, जिससे चन्द्र प्रकाश गिर पड़े और गंभीर चोटें आईं। दूसरे दिन आदित्य जब चन्द्र प्रकाश के घर गया, तो उसने देखा कि वे मर चुके थे। इसके बाद उसने वारदात को हादसे का रूप देने की योजना बनाई। उसने बिजली के तारों को बेड पर फैला दिया और बिस्तर में आग लगा दी, ताकि यह लगे कि उनकी मौत करंट लगने से हुई है।
पुलिस की जांच और खुलासा
शुरुआत में पुलिस को भी मामला दुर्घटना का लगा, लेकिन IPS अधिकारी पुष्कर वर्मा को संदेह हुआ। उन्होंने बुजुर्ग के बैंक अकाउंट की जांच करवाई, जिससे पता चला कि उनकी मौत के बाद उनके एटीएम का इस्तेमाल कर महंगे आईफोन और ईयरबड्स खरीदे गए हैं। इसके बाद पुलिस ने उस दुकानदार का पता लगाया, जिसने आदित्य को आईफोन बेचा था। सीसीटीवी फुटेज और आदित्य की वित्तीय स्थिति की जांच के बाद पुलिस को पूरा मामला समझ आ गया।
हत्यारे की गिरफ्तारी
जब पुलिस ने आदित्य को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि चन्द्र प्रकाश ने अपने बैंक के पैसे की जानकारी उसे दी थी, और वो लगातार उनके एटीएम से पैसे निकाल रहा था। हत्या के बाद पकड़े जाने के डर से उसने बेड में आग लगाकर इसे दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की थी।
पुलिस का बयान
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने चन्द्र प्रकाश से घनिष्ठता का फायदा उठाकर उनका एटीएम और पिन हासिल कर लिया था। मोबाइल मैसेज से पैसों की जानकारी मिलने से बचने के लिए उसने उनका मोबाइल भी चुरा लिया था। पुलिस की मुस्तैदी और सटीक जांच की वजह से इस मामले को सुलझाया गया और आदित्य को गिरफ्तार कर लिया गया। आदित्य के ओवरकॉन्फिडेंस ने उसे बचने का मौका नहीं दिया और वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया।यह मामला दिखाता है कि लालच और अपराध का अंजाम हमेशा दुखद और घातक होता है।
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