भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न हुए चक्रवाती तूफान ‘दाना’ ने पूरे देश में चिंता पैदा कर दी है। यह तूफान दिन-प्रतिदिन और भी शक्तिशाली होता जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, यह तूफान आज शाम को ओडिशा तट से टकराएगा। इसके साथ ही ओडिशा और पश्चिम बंगाल सहित पाँच राज्यों में भारी बारिश और तेज़ हवाओं का अनुमान लगाया गया है। इसकी वजह से लोगों के जनजीवन पर बड़ा असर पड़ने की संभावना है।
तूफान का प्रभाव और जोखिम वाले क्षेत्र
मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ओडिशा, पश्चिम बंगाल में भारी तूफान से प्रभावित होने की संभावना है। वहीँ छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और झारखंड में भारी बारिश की संभावना जताई जा रही है |विशेष रूप से ओडिशा और पश्चिम बंगाल में सबसे अधिक खतरा है, जहां चक्रवात के कारण व्यापक स्तर पर जनहानि की आशंका जताई जा रही है।
ओडिशा सरकार ने विशेष रूप से केंद्रपाड़ा, भद्रक और बालासोर जिलों को उच्च जोखिम क्षेत्र में रखा है। मयूरभंज जिले में हवाओं की गति 80-90 किमी प्रति घंटे होने की आशंका है, जो लैंडफॉल के समय 100 किमी प्रति घंटे तक पहुँच सकती है। इसके अलावा, जगतसिंहपुर, कटक और जाजपुर जिलों में हवा की गति 60-80 किमी प्रति घंटे के बीच रहने का अनुमान है।
ओडिशा राज्य सरकार ने हालात से निपटने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कैबिनेट की विशेष बैठक बुलाई और 9 मंत्रियों के साथ 9 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों की निगरानी का जिम्मा सौंपा है। राज्य ने 10 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का लक्ष्य रखा है और विभिन्न प्रभावित जिलों में भारी तैयारियां की गई हैं।
रेल और हवाई यातायात पर असर
तूफान के कारण परिवहन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। कोलकाता हवाई अड्डे पर आज शाम 6 बजे से विमानों की आवाजाही को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। इसके अलावा, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में 300 से अधिक ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
स्कूल, कॉलेज और सरकारी कार्यालय बंद
ओडिशा और पश्चिम बंगाल में सभी स्कूल और कॉलेज 26 अक्टूबर तक बंद कर दिए गए हैं। इसके साथ ही, ओडिशा सरकार ने सभी सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं ताकि राहत और बचाव कार्यों में कोई कमी न हो। मछुआरों को भी समुद्र में नहीं जाने की सख्त चेतावनी दी गई है।
प्रभावित इलाकों में प्रशासन अलर्ट पर
ओडिशा के मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। राज्य सरकार ने सभी आवश्यक कदम उठाते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को निकालने की प्रक्रिया तेज कर दी है। राहत शिविरों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर भी रोक लगा दी गई है।
बचाव और राहत कार्यों में तैयारी
तूफान से निपटने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं। इसके अलावा, केंद्रीय और राज्य एजेंसियां भी मिलकर काम कर रही हैं। राहत कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए हेलीकॉप्टर और अन्य वाहनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
इस आपदा से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) भी स्थिति पर नज़र बनाए हुए है और नियमित रूप से अपडेट्स जारी कर रहा है। इसके अलावा, आम नागरिकों को भी सरकारी हेल्पलाइन और सोशल मीडिया के जरिए सतर्क रहने की अपील की गई है।
समुद्र तटों पर पर्यटकों के लिए चेतावनी
ओडिशा सरकार ने पर्यटकों को समुद्र तटों से दूर रहने की सलाह दी है। उन्हें चेतावनी दी गई है कि वे किसी भी प्रकार की जोखिम भरी गतिविधियों से बचें और प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें। कई प्रसिद्ध पर्यटन स्थल अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं और स्थानीय लोगों से भी समुद्र से दूर रहने की अपील की गई है।
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