बस के सफर के दौरान 19 साल की लड़की का 53 साल के शख्स हुआ विवाद तो शख्स ने लड़की का चेहरा दांतों से चबा दिया , लगे 50 टाँके , शख्स को मिली ये सजा....

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : यह घटना इंग्लैंड के चेल्टेनहैम शहर की है, जहां नवंबर में एक 19 वर्षीय लड़की के साथ जो हुआ, वह किसी के भी रोंगटे खड़े कर देने के लिए काफी है। एला डाउलिंग नाम की यह लड़की बस से घर लौट रही थी, तभी उसके साथ इस क्रूर और दर्दनाक हादसे का सामना हुआ। यह घटना सिर्फ एक हिंसक हमले की कहानी नहीं है, बल्कि यह मानसिक और शारीरिक पीड़ा की ऐसी दास्तां है जो लंबे समय तक किसी को भी सताती रह सकती है।

घटना का आरंभ:

मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पोर्ट्समाउथ यूनिवर्सिटी की छात्रा एला डाउलिंग अपने दोस्तों के साथ बस से सफर कर रही थी, जब 53 वर्षीय डेरेन टेलर नामक व्यक्ति के साथ किसी बात को लेकर बहस हो गयी |शुरू में यह एक छोटी सी बहस लगी, जो बस के सफर के दौरान कई बार हो जाती है। लेकिन जैसे ही बस चेल्टेनहैम के प्रोमेनेड स्टॉप पर रुकी, स्थिति अचानक बदल गई। जब एला बस से उतरने लगी, तभी डेरेन ने अचानक उनके चेहरे पर हमला कर दिया।

क्रूर हमला:

इस हमले का तरीका असाधारण रूप से हिंसक और बर्बर था। डेरेन ने एला के चेहरे को पकड़कर उसे अपने दांतों से चबाना शुरू कर दिया। वह करीब 5 मिनट तक लगातार एला के चेहरे को बुरी तरह काटता रहा। इस दौरान, एला दर्द और खौफ से जूझती रहीं, लेकिन किसी तरह अपने होश बनाए रखे। उन्होंने हमलावर के सिर को पीछे से पकड़कर रखा ताकि वह और गंभीर चोट न पहुंचा सके। यदि एला ने ऐसा न किया होता, तो हो सकता था कि डेरेन उनकी नाक और होंठ को पूरी तरह फाड़ देता।

बस के अंदर का माहौल:

इस हिंसक घटना को देखकर बस में मौजूद अन्य यात्री भयभीत हो गए। चीख-पुकार मच गई, और किसी को समझ नहीं आ रहा था कि इस स्थिति में क्या किया जाए। एला की दोस्तों ने साहस दिखाते हुए किसी तरह से एला को हमलावर के चंगुल से छुड़ाया, और बस के बाहर खड़े लोगों ने डेरेन को पकड़ लिया, जब तक कि पुलिस मौके पर नहीं पहुंच गई। डेरेन को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया, और इस घटना की जांच शुरू की गई।

चिकित्सकीय और मानसिक प्रभाव:

हमले के बाद एला को गंभीर रूप से घायल अवस्था में अस्पताल ले जाया गया। उनके चेहरे के घाव इतने गहरे थे कि डॉक्टरों को 50 टांके लगाने पड़े। यह सिर्फ शारीरिक चोट का मामला नहीं था, बल्कि मानसिक तौर पर भी एला को इस घटना ने बुरी तरह प्रभावित किया। उन्होंने बताया कि वह महीनों तक आईने में अपना चेहरा देखने से डरती रहीं। हर बार जब वह घर से बाहर निकलतीं, तो उन्हें डर सताता रहता था कि कोई उन पर फिर से हमला न कर दे।

न्यायिक प्रक्रिया:

इस भयावह घटना के बाद डेरेन टेलर को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने सभी सबूतों और गवाहों की सुनवाई के बाद डेरेन को दोषी ठहराया और उसे छह साल और नौ महीने की जेल की सजा सुनाई गई। इस सजा से एला और उनके परिवार को थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन उस दर्दनाक अनुभव की छाया से उबरने में उन्हें लंबा समय लगेगा।

एला ने बाद में अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि यह हमला उनके लिए सिर्फ शारीरिक चोट का कारण नहीं बना, बल्कि उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा असर डाला। उन्हें अब हर समय किसी न किसी के संपर्क में रहने की जरूरत महसूस होती है, चाहे वह उनकी मां हों या कोई दोस्त। घर से बाहर निकलते समय भी उनके मन में डर बना रहता है।

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