भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : जयपुर के नांगल सिरस गांव में करवा चौथ के दिन एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जिसने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया। इस घटना में एक दंपति ने अपने जीवन का अंत कर लिया। यह घटना रविवार की रात को घटी, जब करवा चौथ के दिन पति के देर से घर लौटने पर पत्नी ने दुखी होकर ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। इसके बाद पति ने पत्नी का शव देखा और घर लौटकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस त्रासदी ने पूरे परिवार को गहरे शोक में डाल दिया।
घटना का क्रम:
मृतक दंपति, मोनिका उर्फ मोना (35) और घनश्याम वर्मा (38), नांगल सिरस के वीर तेजाजी चौक के निवासी थे। मोना घर पर सिलाई का काम करती थी, जबकि घनश्याम नेटवर्क मार्केटिंग से जुड़े हुए थे। करवा चौथ के दिन, काम की वजह से घनश्याम घर पर समय पर नहीं लौट पाए, जिससे मोना नाराज हो गई। घनश्याम रात करीब 11 बजे घर पहुंचे, तब तक उनके दोनों बच्चे आयुष (15) और निक्कू (10) सो चुके थे। इसके बाद पति-पत्नी के बीच बहस हुई, और मोना गुस्से में घर छोड़कर चली गई।
घनश्याम मोना को ढूंढने के लिए निकले। कुछ दूर जाने पर उन्हें जयरामपुरा अंडरपास के पास रेलवे ट्रैक पर भीड़ दिखी। जब घनश्याम वहां पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि मोना ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली थी। यह दृश्य देखकर घनश्याम स्तब्ध रह गए। उन्होंने कुछ देर तक वहीं खड़े रहकर स्थिति को समझा। फिर उन्होंने अपनी पत्नी के शव से चांदी की पायल उतारी और उसे अपनी जेब में रखकर घर लौट आए।
घर लौटकर की आत्महत्या:
घनश्याम घर पहुंचे और सीधे अपने कमरे में गए। वहां उन्होंने मोना की साड़ी से फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या करने से पहले घनश्याम ने अपने भाई सूरज को एक अंतिम संदेश भेजा, जिसमें उन्होंने लिखा, "भाई, मैं हार गया... सॉरी। मेरी वाइफ आज ट्रेन के सामने कट गई। गणपतजी और घनश्याम कंडेल से बात कर लेना, वो आपकी मदद करेंगे। मेरी आई-डी पर अब आपको काम करना है।"
दोनों के शव अस्पताल भेजे गए:
घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कांवटिया अस्पताल ले जाया गया। पोस्टमार्टम के बाद शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया। इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे शोक में डाल दिया, खासकर बच्चों आयुष और निक्कू को।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
घनश्याम के भाई प्रकाश ने बताया कि 9 नवंबर को दंपति की शादी की 16वीं सालगिरह थी। उन्होंने बताया कि घनश्याम और सूरज दोनों भाई नेटवर्क मार्केटिंग का काम करते थे। घनश्याम की मौत के बाद परिवार पर आर्थिक संकट भी मंडराने लगा है, क्योंकि उन्होंने अपने भाई सूरज को अपनी आई-डी पर काम जारी रखने का संदेश भेजा था। यह संदेश इस बात का संकेत है कि घनश्याम अपने काम और पारिवारिक जिम्मेदारियों से हताश हो चुके थे।
यह घटना इस बात का प्रमाण है कि आपसी संवाद और समझदारी न होने पर पारिवारिक तनाव और भावनात्मक अस्थिरता गंभीर परिणामों का कारण बन सकते हैं। करवा चौथ जैसे त्योहार, जो रिश्तों को मजबूत करने का प्रतीक होते हैं, इस परिवार के लिए दुख और विछोह का कारण बन गए। यह घटना समाज के लिए एक सबक है कि आपसी संवाद और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना कितना महत्वपूर्ण है।
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