भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : छत्तीसगढ़ के दुर्ग में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो ऑनलाइन माध्यम से दवाओं की सप्लाई करते थे। इस मामले में पुलिस ने कोरबा जिले और बिहार से जुड़े आरोपियों को पकड़ा।
पुलिस की चालाकी से हुई गिरफ्तारी
दुर्ग के एसपी जितेंद्र शुक्ला के अनुसार, 16 सितंबर को पद्मनाभपुर पुलिस ने दो लोगों को नशीली दवा बेचते हुए पकड़ा। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि इस धंधे में और भी लोग शामिल हैं। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए एक जाल बिछाया।
पुलिस ने खुद को ग्राहक दिखाकर आरोपियों से संपर्क किया और उनके जरिए नशीली दवाओं का ऑर्डर दिया। पुलिस ने कुरियर से दवा मंगवाई और पैसे भी दिए, जिससे पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।
कोरबा और बिहार के कनेक्शन का पर्दाफाश
पुलिस जांच में पाया गया कि दवाएं कोरबा से भेजी जा रही थीं। इसके बाद पुलिस ने कोरबा से दीपक साहू और भुवनेश्वर बरेठ को गिरफ्तार किया। इनके साथ पहले गिरफ्तार किए गए हार्दिक भोई और दिलीप साहू का भी संबंध निकला।
जांच में खुलासा हुआ कि हार्दिक और दीपक ऑनलाइन ऑर्डर लेते थे और भुवनेश्वर तथा बिहार के रविशंकर प्रसाद के खातों में पैसे डाले जाते थे।
किराये पर दिया गया था बैंक खाता
सबसे दिलचस्प बात यह रही कि भुवनेश्वर ने अपना बैंक खाता दीपक को किराये पर दिया था, जिसके जरिए पैसे आते थे। इन पैसों का इस्तेमाल अमेज़न और इंडिया मार्ट जैसी साइट्स से नशीली दवाएं मंगाने और फिर ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए किया जाता था।
मुख्य आरोपी अब भी फरार
हालांकि, इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी किशन अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है और जितने भी खातों से लेन-देन हुआ है, उन्हें फ्रीज़ करवा दिया गया है। पुलिस जल्द ही इस रैकेट के अन्य आरोपियों को पकड़ने का दावा कर रही है|
इस ऑपरेशन से पुलिस ने नशीली दवाओं के कारोबारियों के बीच के जटिल नेटवर्क को उजागर किया और यह दिखाया कि कैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का दुरुपयोग कर अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था।
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