साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता की नई पहल: दुर्ग पुलिस का 'रहे जागरूक, करे जागरूक' अभियान और डिजिटल खतरों से बचाव...

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : दुर्ग पुलिस ने 5 अक्टूबर 2024 से 19 अक्टूबर 2024 तक चलने वाले साइबर जन जागरूकता पखवाड़ा* का शुभारंभ एक प्रेस वार्ता के माध्यम से किया। इस अभियान के अंतर्गत, प्रेस के सभी साथियों को #रहे_जागरूक_करे_जागरूक हैशटैग के तहत जागरूक किया गया। 

साइबर क्राइम के खिलाफ जागरूकता

दुर्ग-भिलाई के सभी मीडिया बंधुओं को ट्रेंडिंग साइबर क्राइम से अवगत कराते हुए बताया गया कि अगर कोई ऑनलाइन साइबर फ्रॉड का शिकार होता है, तो वे राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, साइबर क्राइम की शिकायतें वेबसाइट [https://www.cybercrime.gov.in/](https://www.cybercrime.gov.in/) पर दर्ज की जा सकती हैं। पुलिस ने साइबर दोस्त @Cyberdost को फॉलो करने की भी सलाह दी।

पहले दिन का कार्यक्रम

अभियान के पहले दिन ट्रेंडिंग साइबर ठगी के संबंध में एक वीडियो जारी किया गया, जिसे सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है। दुर्ग के सभी थाना और चौकी ने अपने-अपने क्षेत्रों में पाम्पलेट्स का वितरण कर तथा बैनर और पोस्टर के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। 

पुलिस का मार्गदर्शन

पुलिस मुख्यालय छत्तीसगढ़ नवा, रायपुर के निर्देशन में पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज श्री रामगोपाल गर्ग और पुलिस अधीक्षक श्री जितेंद्र शुक्ला के मार्गदर्शन में डीएसपी श्री सतीश ठाकुर के नेतृत्व में उप निरीक्षक डॉ. संकल्प राय और साइबर वालंटियर्स ने इस अभियान का संचालन किया। वीडियो को लॉन्च करने के कुछ घंटों में ही इसे 10,000 से अधिक लोगों ने देखा, जिससे आम जनमानस में जागरूकता बढ़ी है।

जागरूकता अभियान का विस्तार 

आज, 6 अक्टूबर 2024 को, पुलिस कंट्रोल रूम के सभागार में दुर्ग-भिलाई के सभी पत्रकारों को साइबर पखवाड़े की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि यह अभियान न केवल उनके लिए है, बल्कि वे स्वयं भी जागरूक रहें और आम जनता को भी जागरूक करें। 

साइबर सुरक्षा पर महत्वपूर्ण जानकारी  

पत्रकारों को साइबर क्राइम और सुरक्षा के विषय में जानकारी दी गई, जिसमें ऑनलाइन फ्रॉड, सोशल मीडिया एप्स का उचित उपयोग, डिजिटल अरेस्ट, व्हाट्सएप, फेसबुक और मैसेंजर के जरिए अश्लील वीडियो कॉल कर ब्लैकमेलिंग, साइबर बुलिंग, ट्रोलिंग, एटीएम का सुरक्षित उपयोग, सीवीवी नंबर, ओटीपी आदि की सुरक्षा के संबंध में सलाह दी गई। बच्चों में मोबाइल एडिक्शन और ऑनलाइन गेमिंग के दुष्प्रभावों पर भी चर्चा की गई, जिससे उनकी मानसिकता पर पड़ने वाले प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया।

इस अभियान के माध्यम से दुर्ग पुलिस ने एक महत्वपूर्ण पहल की है, जिससे न केवल पत्रकारों को बल्कि आम जनमानस को भी साइबर अपराधों से बचाव की दिशा में जागरूक किया जा रहा है। #रहे_जागरूक_करे_जागरूक के माध्यम से हम सभी को मिलकर इस मुहिम को आगे बढ़ाना है।

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