हाल ही में, कुछ विभागों की ओपीडी को फिर से शुरू करने की योजना पर चर्चा हुई थी। 4 दिसंबर को सेक्टर 9 अस्पताल के प्रबंधन ने इस संबंध में एक पत्र जारी किया, जिसमें 9 दिसंबर से सेक्टर 1 अस्पताल में छह नई ओपीडी शुरू होने की घोषणा की गई। सीटू इस पहल का स्वागत करता है। इन विभागों के सेक्टर 1 अस्पताल में शुरू होने से न केवल खुर्सीपार और आसपास के सेक्टरों के निवासियों को लाभ होगा, बल्कि सेक्टर 9 पर भी दबाव कम होगा।
सीटू नेता ने कहा कि बुनियादी सेवाओं में कर्मचारियों की कमी ठीक नहीं है, लेकिन उच्च प्रबंधन विभिन्न विभागों में कर्मचारियों की संख्या घटा रहा है, जिससे समस्याएं बढ़ रही हैं। सीटू ने मांग की है कि सेक्टर 1 में शुरू की जा रही नई ओपीडी और सेक्टर 9 में नर्सिंग स्टाफ और अटेंडेंट की संख्या बढ़ानी चाहिए ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में कोई परेशानी न हो।
सेक्टर 1 अस्पताल में नई ओपीडी सेवाओं के साथ-साथ फार्मेसी और फार्मासिस्ट की व्यवस्था भी मजबूत और उन्नत बनाना आवश्यक है, क्योंकि पीडियाट्रिक, चेस्ट और मानसिक स्वास्थ्य विभाग की ओपीडी शुरू हो रही हैं, जिनकी दवाइयों के लिए विशेष व्यवस्था की आवश्यकता होगी। इसके अलावा, सेक्टर 1 अस्पताल में फार्मासिस्ट सेवानिवृत्त हो रहे हैं, और यह चिंता का विषय है कि प्रबंधन अभी तक नए फार्मासिस्टों की भर्ती के बारे में कोई ठोस योजना नहीं बना सका है। इसलिए, इस दिशा में शीघ्र कार्रवाई करने की आवश्यकता है।
सीटू नेता ने यह भी कहा कि अस्पताल कर्मियों के लगातार सेवानिवृत्त होने के कारण, वर्तमान कर्मियों पर कार्यभार बढ़ रहा है, जो अस्पताल की व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं पर नकारात्मक असर डाल सकता है। जब कर्मचारियों पर मानसिक दबाव होता है, तो यह इलाज में बाधा उत्पन्न कर सकता है। इसलिए, उच्च प्रबंधन को इस मामले का अध्ययन कर उचित कदम उठाने की आवश्यकता है।


