भिलाई की पत्रिका न्यूज़ :छत्तीसगढ़ सरकार ने सुशासन की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल की है। अब हर नागरिक का डिजिटल ई-रिकॉर्ड उसके जन्म के समय से तैयार होगा, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र व्यक्ति तक पहुंचेगा। यह पहल राज्य में पारदर्शिता, कुशलता और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रणाली स्थापित करने का बड़ा कदम है।
क्या है इंटीग्रेटेड प्रो एक्टिव ई-गवर्नेंस?
इस नई प्रणाली को "इंटीग्रेटेड प्रो एक्टिव ई-गवर्नेंस" नाम दिया गया है। इसका उद्देश्य हर व्यक्ति के जीवन के महत्वपूर्ण दस्तावेजों को डिजिटल रूप से संग्रहीत करना और उन्हें आधार से जोड़ना है। इसके तहत नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी। सरकार स्वयं लोगों के घर जाकर उन्हें योजनाओं के लाभ से अवगत कराएगी।
कैसे काम करेगा ई-रिकॉर्ड सिस्टम?
1. जन्म से शुरुआत:
बच्चे का ई-रिकॉर्ड जन्म के समय से तैयार होगा, जिसमें उसका नाम, माता-पिता का नाम, आयु और जाति जैसे डेटा शामिल होंगे।
2. स्वचालित प्रक्रिया:
- स्कूल में दाखिले के समय अंगूठे के निशान से डेटा ऑटोमेटिकली भरा जाएगा।
- 10वीं-12वीं के सर्टिफिकेट भी ई-रिकॉर्ड में जुड़े रहेंगे।
- प्रतियोगी परीक्षाओं और योजनाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया दस्तावेज रहित होगी।
3. ई-लॉकर में 25 प्रमाण पत्र:
एक व्यक्ति की जिंदगी से जुड़े 25 प्रकार के प्रमाण पत्र जैसे जन्म, जाति, निवास, शिक्षा आदि इस ई-लॉकर में उपलब्ध होंगे।
पात्रता खुद ढूंढेगी सरकार
इस तकनीक का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि पात्र व्यक्तियों को सरकारी योजनाओं के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। उदाहरण के लिए:
- महतारी वंदन योजना: पात्र महिलाओं का डेटा साफ्टवेयर से स्वतः पहचाना जाएगा।
- महिलाओं का केवल अंगूठा लगने पर उनके खाते में राशि सीधा ट्रांसफर हो जाएगी।
भ्रष्टाचार पर लगाम और समय की बचत
इस प्रणाली के माध्यम से सरकारी अधिकारियों को जांच और सत्यापन जैसे कामों से मुक्ति मिलेगी। साथ ही भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा, क्योंकि डेटा सीधे सरकारी डेटाबेस से सत्यापित होगा।
भविष्य की राह
- सॉफ्टवेयर अगले डेढ़ साल में पूरी तरह से लागू हो जाएगा।
- पुराने सर्टिफिकेट स्कैन कर डिजिटल रिकॉर्ड में जोड़े जाएंगे।
- नई पीढ़ी को जन्म से ही ई-रिकॉर्ड का लाभ मिलेगा।
अधिकार और सुविधा सबको
टीकाकरण जैसे मुद्दों पर भी इस तकनीक से बड़े बदलाव की उम्मीद है। जिन बच्चों का टीकाकरण समय पर नहीं हो पाया, उन्हें भी पहचान कर आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
छत्तीसगढ़ का यह कदम डिजिटल भारत की परिकल्पना को साकार करने में महत्वपूर्ण साबित होगा। इससे न केवल सरकारी योजनाओं का लाभ हर नागरिक तक पहुंचेगा, बल्कि देश के सुशासन का एक नया मॉडल भी स्थापित होगा।
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