भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : मप्र. उज्जैन, विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर के अन्न क्षेत्र में कल सुबह एक दर्दनाक घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया। 30 वर्षीय महिला कर्मचारी, रजनी खत्री, की आलू छीलने की मशीन पर काम करते समय दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा तब हुआ जब उनका दुपट्टा मशीन के कटर में फंस गया, जिससे गला घुट गया और सिर में गंभीर चोट लग गई।
दर्दनाक हादसे की पूरी कहानी
महाकाल मंदिर के अन्न क्षेत्र, जो मंदिर से लगभग 500 मीटर की दूरी पर स्थित है, में हर दिन भक्तों के लिए निशुल्क भोजन प्रसादी तैयार की जाती है। इस कार्य में मंदिर समिति और आउटसोर्स कर्मचारी जुटे रहते हैं।
रजनी खत्री, जो उज्जैन के केशव नगर की निवासी थीं और आउटसोर्स कर्मचारी के रूप में कार्यरत थीं, रोज़ की तरह सुबह अपने काम पर पहुंचीं। काम शुरू होने के कुछ समय बाद, आलू छीलने की मशीन पर कार्य करते हुए उनका दुपट्टा मशीन में फंस गया। मशीन के तेज़ कटर ने दुपट्टे को फंदा बना दिया, जिससे उनका दम घुट गया। इसके साथ ही सिर पर चोट लगने के कारण उनकी स्थिति और गंभीर हो गई।
सहकर्मियों पर गहरा प्रभाव
हादसे के बाद अन्न क्षेत्र में मौजूद अन्य कर्मचारी स्तब्ध रह गए। किसी ने तुरंत मशीन बंद की और रजनी को निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना स्थल पर पहुंचे सहकर्मियों में से कुछ तो इस हादसे की भयावहता देखकर बेहोश हो गए।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
हादसे की जानकारी मिलने पर महाकाल मंदिर समिति के अध्यक्ष और जिला कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। इस हादसे के बाद अन्न क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
महाकाल अन्न क्षेत्र: सेवा और संवेदनशीलता का केंद्र
महाकाल अन्न क्षेत्र में रोज़ाना हजारों भक्तों के लिए भोजन तैयार किया जाता है। यहां की सेवा के पीछे कई कर्मचारी दिन-रात काम करते हैं। लेकिन इस दर्दनाक हादसे ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ऐसे कार्यस्थलों पर सुरक्षा उपायों का सख्ती से पालन कितना आवश्यक है।
सुरक्षा के लिए उठने लगे सवाल
इस घटना ने कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मशीनों का संचालन करते समय कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं? यह घटना एक चेतावनी है कि भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए सख्त उपाय करने होंगे।
रजनी खत्री का इस तरह असमय चले जाना उनके परिवार और सहकर्मियों के लिए गहरा आघात है। उनके परिवार ने उनकी मौत के लिए बेहतर सुरक्षा प्रबंधों की मांग की है ताकि कोई और इस तरह का दर्दनाक अनुभव न झेले।
महाकाल अन्न क्षेत्र में हुए इस दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। यह घटना न केवल कर्मचारियों की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत को रेखांकित करती है, बल्कि हर कार्यस्थल पर मानव जीवन की प्राथमिकता सुनिश्चित करने का संदेश भी देती है।
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