भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : (छग) रायपुर, साइबर क्राइम की दुनिया में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। साइबर रेंज थाना पुलिस ने दो शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने ठगी से कमाए करोड़ों रुपये को विदेशी कंपनियों में ट्रांसफर किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 40 वर्षीय पवन कुमार सिंह और 44 वर्षीय गगन दीप शामिल हैं, जो दिल्ली के निवासी हैं। ये दोनों पिछले छह महीनों से रायपुर में ठगी का खेल चला रहे थे।
फर्जी कंपनियों का जाल
आरोपियों ने रायपुर के कोटा इलाके में "मारुति लाइफ इंप्रेसा" नामक फर्जी कंपनी खोली थी। इस कंपनी का इस्तेमाल साइबर ठगी के जरिए कमाए पैसे को सफेद करने और विदेशी खातों में भेजने के लिए किया जाता था। जांच में सामने आया कि ठगी से प्राप्त धन को यूएस डॉलर में बदला गया और इसे चाइना और थाईलैंड की कंपनियों जैसे हाइपरलिंक इंफोसिस्टम लिमिटेड, ब्लू आर्किड ग्लोबल, और ग्लोबल विजार्ड टेक्नोलॉजी में भेजा गया।
41 बैंक खातों का खुलासा
जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के पास से 41 बैंक खातों, डेबिट कार्ड, चेक बुक, कंप्यूटर, लैपटॉप, पेन ड्राइव, मोबाइल फोन और डिजिटल सबूत मिले। इन खातों में 175 करोड़ रुपये से अधिक के लेन-देन का पता चला है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 2 करोड़ रुपये से अधिक की रकम होल्ड कर दी।
देशभर में फैला नेटवर्क
गिरफ्तार आरोपी केवल रायपुर ही नहीं, बल्कि वेस्ट बंगाल, पंजाब, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटका, गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा जैसे राज्यों में भी ठगी के मामलों में सक्रिय थे। इनके पास से कई आधार कार्ड भी बरामद किए गए हैं, जो अलग-अलग नाम और पते पर बनाए गए थे।
कम पढ़ाई, बड़ा खेल
आश्चर्यजनक बात यह है कि पवन और गगन ने केवल 10वीं और 12वीं तक की पढ़ाई की है, लेकिन इनके शातिर दिमाग ने साइबर ठगी को एक संगठित अपराध का रूप दे दिया। इन्होंने दिल्ली में ठगी के गुर सीखे और रायपुर में अपना नेटवर्क स्थापित कर लिया।
पुलिस की कार्रवाई जारी
पुलिस अब आरोपियों से गहराई से पूछताछ कर रही है और इनके नेटवर्क से जुड़े अन्य अपराधियों और फर्जी कंपनियों की जानकारी जुटा रही है। शुरुआती जांच में पता चला है कि इनके खिलाफ कई राज्यों में मामले दर्ज हैं।
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