भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : छग , बलौदाबाजार गेल इंडिया कंपनी द्वारा खेतों में पाइपलाइन बिछाने का कार्य किसानों के लिए परेशानी का कारण बनता जा रहा है। जहां एक तरफ फसलें बर्बाद हो रही हैं, वहीं दूसरी तरफ किसानों का आरोप है कि उन्हें उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा है।
बलौदा बाजार भाटापारा जिले के किसान पाइपलाइन बिछाने को लेकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि कंपनी की ओर से सही जानकारी नहीं दी जा रही है, और न ही प्रशासन उनकी कोई मदद कर रहा है। इस मामले को लेकर कुछ किसान कलेक्टर जनदर्शन में अपनी बात रख रहे हैं, तो कुछ ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए उचित मुआवजे की मांग की है।
इस बीच, गैस पाइपलाइन के लिए कंपनी और प्रशासन की ओर से किसानों पर दबाव बनाया जा रहा है। किसानों का कहना है कि कंपनी द्वारा दिया जा रहा मुआवजा पर्याप्त नहीं है। कई किसानों ने यह भी आरोप लगाया है कि बिना उनकी सहमति के पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू कर दिया गया है।
गौरतलब है कि गेल इंडिया ओडिशा से मुंबई तक मुख्य गैस पाइपलाइन बिछा रही है। हर 20 किलोमीटर पर एक एचबी स्टेशन बनाया जाएगा, जिससे घरेलू गैस की आपूर्ति के लिए गांव-गांव में पाइपलाइन का विस्तार होगा। हालांकि, इस परियोजना के आरंभ से ही विवाद की स्थिति बनी हुई है। किसानों ने आरोप लगाया है कि गेल इंडिया ने भाटापारा के एसडीएम को पत्र लिखकर पाइपलाइन बिछाने के लिए पुलिस बल की मांग की है।
किसानों का कहना है कि पाइपलाइन के दोनों ओर 20-20 मीटर जमीन अधिग्रहित की जा रही है। इस भूमि पर भविष्य में कोई निर्माण कार्य या बोरवेल खुदवाने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही, कंपनी की ओर से इस प्रक्रिया की कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है। किसानों का आरोप है कि पहले गुप्त रूप से सर्वे किया गया और फिर बिना मुआवजा दिए सीधे पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू कर दिया गया।
कुछ किसानों ने यह भी कहा कि कंपनी द्वारा जो मुआवजा दिया जा रहा है, वह उनकी जमीन के मूल्य के अनुरूप नहीं है। साथ ही, प्रशासन पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी कंपनी का समर्थन करते हुए किसानों पर जमीन देने के लिए दबाव बना रहे हैं।
एसडीएम भाटापारा नितिन तिवारी का बयान
एसडीएम नितिन तिवारी ने कहा कि पूरे जिले और राज्य में गेल इंडिया द्वारा गैस पाइपलाइन का काम किया जा रहा है, जो नेचुरल गैस की आपूर्ति के लिए है। भाटापारा के 6 गांवों में यह कार्य फिलहाल जारी है। उन्होंने किसानों के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि गैस पाइपलाइन के 20 मीटर क्षेत्र में निर्माण कार्य नहीं होने की जो बात कही जा रही है, वह सही नहीं है। सरकार के नियमों के तहत कंपनी द्वारा जमीन मालिकों को मुआवजा दिया जा रहा है।
भिलाई की पत्रिका न्यूज़ के whatsup ग्रुप से जुड़ने के लिए लिंक पर क्लिक कर join करे|
https://chat.whatsapp.com/Gicw5el8wSW5GJMECLqkUI

