भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : (छग ) रायपुर, आबकारी विभाग में कथित 2500 करोड़ के घोटाले की जांच के तहत पूर्व मंत्री कवासी लखमा और उनके बेटे हरीश समेत अन्य सहयोगियों से आज प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा पूछताछ की जाएगी। इस मामले में कांग्रेस नेता सुशील ओझा के रायपुर से गायब होने की खबर भी सामने आई है। ईडी कार्यालय, जो पुजारी पार्क स्थित है, आज दिनभर चर्चा का केंद्र बना रहेगा।
शनिवार को ईडी ने कवासी लखमा और उनके सहयोगियों के आधा दर्जन से अधिक ठिकानों पर छापेमारी कर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज़ और डिजिटल सबूत जब्त किए थे। इनमें मोबाइल डिवाइस भी शामिल हैं, जिन्हें साइबर विशेषज्ञों की मदद से डिकोड किया गया है। अब इन्हीं सबूतों के आधार पर पूछताछ होगी।
घोटाले के पैसे की जांच
ईडी का मुख्य फोकस घोटाले में कवासी लखमा की हिस्सेदारी और उनके बेटे हरीश के माध्यम से कथित निवेश पर है। इसके साथ ही, सुकमा पालिका अध्यक्ष जगन्नाथ राजू साहू और ठेकेदार राजभुवन भदौरिया के साथ हुए लेन-देन और पैसों के वितरण पर भी सवाल किए जाएंगे। ईडी के पहले के दावे के मुताबिक, कवासी लखमा को करीब दो साल तक हर महीने 50 लाख रुपये मिलते थे। हालांकि, कवासी ने इन आरोपों से इनकार किया है।
शनिवार को लंबी पूछताछ
शनिवार को भी ईडी ने कवासी लखमा से करीब 10 घंटे तक पूछताछ की थी। इससे पहले, कई समन जारी किए जाने के बावजूद लखमा ने जांच में सहयोग नहीं किया, जिसके बाद एजेंसी ने यह कार्रवाई की।
कांग्रेस के अन्य नेता निशाने पर
सूत्रों के मुताबिक, ईडी की जांच के दायरे में अब कुछ और बड़े कांग्रेस नेता और अधिकारी आ सकते हैं। छापेमारी और पूछताछ के बाद आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना है।
क्या कहते हैं राजनीतिक विशेषज्ञ?
इस घटनाक्रम ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल मचा दी है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला चुनावी माहौल को भी प्रभावित कर सकता है। वहीं, कांग्रेस इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बता रही है।
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