भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : छत्तीसगढ़ सरकार 3 मार्च को अपना दूसरा बजट पेश करने वाली है, जो कि राज्य का 24वां बजट होगा। जानकारी के अनुसार, इस बार राज्य के वित्त मंत्री ओपी चौधरी लगभग 1 लाख 60 हजार करोड़ रुपये से अधिक का बजट प्रस्तुत कर सकते हैं। पिछले वर्ष का बजट 1 लाख 47 हजार करोड़ रुपये का था। इस बार के बजट में महतारी वंदन योजना, बड़े शहरों में मुफ्त वाई-फाई और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े कई अहम घोषणाएं होने की संभावना है।
विभिन्न वर्गों और क्षेत्रों के लिए संभावित घोषणाएं
महिलाएं - महतारी वंदन योजना का विस्तार
महतारी वंदन योजना के तहत सरकार हर महीने महिलाओं को 1,000 रुपये की सहायता दे रही है। फिलहाल, इस योजना का लाभ लगभग 70 लाख महिलाओं को मिल रहा है। नए बजट में इस योजना के लिए और अधिक धनराशि आवंटित की जा सकती है। संभावना है कि सरकार 70 लाख से अधिक महिलाओं को इस योजना के तहत वित्तीय सहायता प्रदान करेगी, जिसके लिए 2024-25 के बजट में 3,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
युवा - स्टार्टअप को मिलेगा बढ़ावा
सरकार आगामी बजट में बड़े शहरों में को-वर्किंग स्पेस, मुफ्त वाई-फाई, कॉल सेंटर, और विभिन्न जिलों में सेंट्रल लाइब्रेरी व स्टडी सेंटर खोलने की घोषणा कर सकती है। युवाओं को उनके कौशल के आधार पर लघु उद्योगों से जोड़ने की योजना पर भी काम किया जा सकता है। इसके लिए सरकार उन्हें लोन प्रदान कर खुद का व्यवसाय शुरू करने में मदद करेगी।
इन्फ्रास्ट्रक्चर - पुल-पुलिया और निर्माण कार्यों पर जोर
बस्तर, सरगुजा जैसे क्षेत्रों में सड़क और पुल-पुलिया के निर्माण को प्राथमिकता दी जा सकती है। स्कूल और कॉलेज की नई इमारतों के निर्माण, सरकारी दफ्तरों की मरम्मत और अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों की घोषणा हो सकती है। 2025 को अटल निर्माण वर्ष के रूप में मनाने की वजह से राज्य में कई नए निर्माण परियोजनाएं शुरू होने की संभावना है।
पर्यटन - खेल और वाइल्डलाइफ पर्यटन को मिलेगा प्रोत्साहन
इस बार के बजट में सरकार पर्यटन क्षेत्र पर विशेष ध्यान दे सकती है। पर्यटक स्थलों का सौंदर्यीकरण, वहां ठहरने और खाने की बेहतर व्यवस्था, और स्थानीय लोगों को पर्यटन से जोड़ने की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं। अन्य राज्यों में सक्रिय पर्यटन कंपनियों को छत्तीसगढ़ में कार्य करने का अवसर दिया जा सकता है। साथ ही, जिन स्थानों पर जलाशय या बांध हैं, वहां वॉटर स्पोर्ट्स और एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने वाली स्टार्टअप योजनाएं लाई जा सकती हैं।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था - नई योजनाओं की संभावना
गांवों में रोजगार बढ़ाने के लिए नई योजनाओं की शुरुआत की जा सकती है। इनमें ग्रामीण महिलाओं और किसानों को प्रोडक्ट निर्माण से जोड़ना शामिल होगा, जिसका विपणन सरकार स्वयं करेगी। इसका सीधा लाभ गांव के लोगों को मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी।
स्वास्थ्य - नए क्लीनिक और मेडिकल सुविधाएं
राज्य के सुदूर इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए नए स्वास्थ्य केंद्र खोले जा सकते हैं और मेडिकल मशीनरी को अपग्रेड किया जा सकता है। इस बार के बजट में स्वास्थ्य कर्मचारियों की भर्ती से जुड़ी घोषणाएं भी संभव हैं। शहरी इलाकों में छोटे-छोटे क्लीनिक खोलने और एंबुलेंस सुविधाओं को बढ़ाने से जुड़ी योजनाएं भी आ सकती हैं।
शिक्षा - शिक्षकों की भर्ती की संभावना
नई शिक्षा नीति को लागू करने के साथ-साथ जर्जर स्कूलों के जीर्णोद्धार की योजना पर काम हो सकता है। लंबे समय से लंबित शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को पूरा करने के लिए सरकार विशेष घोषणा कर सकती है। वर्तमान में शिक्षा विभाग मुख्यमंत्री के अधीन है, जिससे इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले होने की संभावना अधिक है।
प्रशासन - सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन करने की पहल
सरकारी कार्यों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा सकता है। कई सेवाओं को ऑनलाइन किया जाएगा ताकि आम जनता को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। यह भ्रष्टाचार पर नियंत्रण रखने और प्रशासन को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास होगा। साथ ही, कर वसूली की प्रक्रिया को भी कड़ा करने की तैयारी की जा रही है।
छत्तीसगढ़ का बजट 25 वर्षों में 30 गुना बढ़ा
पिछले 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ का बजट 30 गुना तक बढ़ चुका है। वर्ष 2000 में जब पहला बजट पेश किया गया था, तब इसकी राशि मात्र 5,700 करोड़ रुपये थी। अब यह आंकड़ा 1 लाख 47 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है और आगामी बजट में इसमें और वृद्धि होने की संभावना है।
बजट भाषण में नए जुमले और डिजिटल प्रस्तुति की संभावना
पिछले साल बजट भाषण में वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत ‘GYAN’ (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) शब्द काफी चर्चा में रहा था। इस बार भी उनके बजट भाषण में 4-5 कविताएं और नए जुमले शामिल हो सकते हैं। पिछली बार की तरह इस बार भी बजट को डिजिटल रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है।
छत्तीसगढ़ की वित्तीय स्थिति - कर्ज और घाटे का बजट
वित्त मंत्री ओपी चौधरी के अनुसार, छत्तीसगढ़ सरकार पर 91,520 करोड़ रुपये का कर्ज है। 2018 में यह कर्ज 41,000 करोड़ रुपये था, लेकिन कांग्रेस सरकार के पांच वर्षों में लोन की राशि में तेज वृद्धि हुई।
पिछले साल 19,696 करोड़ रुपये के घाटे का बजट पेश किया गया था और इस बार घाटे की राशि और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
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