भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा) में 325 करोड़ रुपये की लागत से 700 बेड का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनने वाला है। वर्षों से जर्जर स्थिति में पड़े बॉयज हॉस्टल की इमारत को इस नए इंटीग्रेटेड अस्पताल ब्लॉक में बदला जाएगा।
बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस नई इमारत का निर्माण किया जाएगा। यह सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल अत्याधुनिक मेडिकल सुविधाओं से युक्त होगा। इस अस्पताल के लिए बजट में प्रावधान किया गया था, और अब टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है।
बजट घोषणा के दौरान वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने मेकाहारा में आईवीएफ सेंटर खोलने की भी घोषणा की थी, जिसे इस नई इमारत में शामिल किया जाएगा। यह अस्पताल उन्नत तकनीकों से लैस होगा, जिससे महिलाओं और बच्चों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएँ मिलेंगी।
खंडहर बन चुकी हॉस्टल बिल्डिंग की जगह नई इमारत
पुराने बॉयज हॉस्टल की खराब स्थिति के कारण इसे वर्षों पहले खाली कर दिया गया था। समय के साथ यह इमारत पूरी तरह जर्जर हो गई और खंडहर का रूप ले लिया। अब सरकार ने इस स्थान का उपयोग करने का निर्णय लिया है, जहां सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनाया जाएगा।
महिला एवं बाल स्वास्थ्य के लिए विशेष सुविधाएँ
नई अस्पताल बिल्डिंग में महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष चिकित्सा विभाग बनाए जाएंगे। इसमें बाल रोग (पीडियाट्रिक्स), नवजात गहन चिकित्सा इकाई (NICU) और बाल चिकित्सा गहन चिकित्सा इकाई (PICU) जैसी सुविधाएँ होंगी, जो नवजात शिशुओं और गंभीर रूप से बीमार बच्चों के इलाज के लिए आवश्यक हैं।
इसके अलावा, प्रसूति एवं स्त्री रोग (OB-GYN) और मातृत्व वार्ड की भी व्यवस्था होगी, जिससे गर्भवती महिलाओं को उन्नत चिकित्सा सेवाएँ मिल सकेंगी। इसके अतिरिक्त, फीटल मेडिसिन और बांझपन उपचार केंद्र (इनफर्टिलिटी ट्रीटमेंट सेंटर) भी स्थापित किए जाएंगे, जिससे गर्भावस्था और प्रजनन से जुड़ी समस्याओं का समाधान एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेगा।
स्तनपान संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए लैक्टेशन कंसल्टेशन सुविधा भी होगी, जिससे माताओं को विशेषज्ञों की सहायता मिल सके। इन सभी सेवाओं के चलते महिलाओं और बच्चों को बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएँ प्राप्त होंगी, जिससे उन्हें अन्य अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
मेकाहारा पर भार कम होगा
डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा) में प्रतिदिन हजारों मरीज आते हैं, जिससे यहाँ मरीजों की भारी भीड़ रहती है। इस बढ़ते दबाव को देखते हुए नई इमारत का निर्माण किया जा रहा है। वर्तमान में मेकाहारा में 700 बेड हैं, लेकिन आवश्यकता अनुसार यहाँ 1300 मरीजों को भर्ती किया जाता है।
नए 700 बेड के अस्पताल के बनने के बाद मरीजों को सुचारू और बेहतर चिकित्सा सेवाएँ मिलेंगी, जिससे मेकाहारा का भार भी कम होगा।
प्रदेशवासियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार
इस नई अस्पताल बिल्डिंग के निर्माण से मरीजों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएँ मिलेंगी। स्वास्थ्य क्षेत्र में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे राज्य के स्वास्थ्य ढाँचे को और मजबूती मिलेगी। इस अस्पताल को मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे आसपास के राज्यों के मरीज भी यहाँ इलाज कराने आ सकेंगे।
आने वाले समय में यह अस्पताल प्रदेश का सबसे उन्नत चिकित्सा केंद्र बन सकता है।भूमिपूजन कांग्रेस सरकार में हुआ, टेंडर भाजपा सरकार में जारी हुआ इस परियोजना की आधारशिला कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में रखी गई थी। वहीं, भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में दिसंबर 2024 में इस परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई।
यह अस्पताल राजधानी के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल के विस्तार के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे मरीजों को सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
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