भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित सेक्स सीडी मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया गया है। CBI की विशेष अदालत ने सभी धाराएं हटा दीं और कहा कि उनके खिलाफ मुकदमा चलाने का कोई ठोस आधार नहीं है। इस फैसले के बाद भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर "सत्यमेव जयते" लिखते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी।
कोर्ट में पेशी और सुनवाई की स्थिति
मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, विनोद वर्मा और कैलाश मुरारका रायपुर कोर्ट में पेश हुए। पिछली सुनवाई में CBI ने अपनी दलीलें रखी थीं। यह दूसरी बार था जब सभी आरोपी अदालत में उपस्थित हुए। फिलहाल, भूपेश बघेल को छोड़कर अन्य चार आरोपियों पर फैसला नहीं आया है। अगली सुनवाई 4 अप्रैल को निर्धारित की गई है।
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बाकी चार आरोपियों के नाम:
1. कैलाश मुरारका
2. विनोद वर्मा
3. विजय भाटिया
4. विजय पांड्या
गौरतलब है कि इस मामले के एक अन्य आरोपी रिंकू खनूजा का निधन हो चुका है।
CBI के इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य का दावा
भूपेश बघेल की ओर से जबलपुर हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष दत्त ने अदालत में पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि बघेल को झूठे आरोपों में फंसाया गया है। उन्होंने न तो यह सीडी तैयार करवाई थी और न ही इसका प्रसार किया था। उनका इस पूरे मामले से कोई लेना-देना नहीं था।
पिछली सुनवाई में बचाव पक्ष के वकील फैजल रिजवी ने बताया था कि यह बहस CBI बनाम कैलाश मुरारका एवं अन्य आरोपियों के बीच हो रही थी। CBI ने अपनी बहस पूरी कर ली है और अब बचाव पक्ष की दलीलें सुनी जा रही हैं। इस दौरान CBI ने अपने पास इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य होने का दावा किया।
सेक्स सीडी मामला: क्या है पूरी कहानी?
अक्टूबर 2017 में छत्तीसगढ़ में एक कथित सेक्स सीडी सामने आई थी, जिसमें पूर्व मंत्री राजेश मूणत का नाम जुड़ा था। इस मामले में रायपुर के सिविल लाइन थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद दिल्ली से पत्रकार विनोद वर्मा को गिरफ्तार किया गया था।
कांग्रेस ने इसे तत्कालीन सरकार की साजिश करार दिया था। सितंबर 2018 में कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल को इस मामले में गिरफ्तार किया गया था। उन पर साजिश रचने का आरोप लगाया गया था, लेकिन उन्होंने जमानत लेने से इनकार कर दिया था।
गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस ने पूरे प्रदेश में भाजपा सरकार के खिलाफ आंदोलन छेड़ दिया था। इस घटना ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को नया जोश दिया और नवंबर 2018 में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत हुई, जिसके बाद भूपेश बघेल मुख्यमंत्री बने। इस मामले में CBI ने 2018 में चार्जशीट दाखिल की थी, लेकिन तब से इस पर कोई सुनवाई नहीं हुई थी। अब रायपुर कोर्ट में इस चार्जशीट पर बहस जारी है।
रिंकू खनूजा को भी बनाया गया था आरोपी
इस मामले में राजनीतिक उथल-पुथल मची रही। केस में श्याम नगर निवासी रिंकू खनूजा की भूमिका महत्वपूर्ण थी। 6 जून 2018 को उन्होंने आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद CBI ने उन्हें भी इस मामले में आरोपी बनाया।
CBI का दावा है कि अगस्त 2017 में रिंकू खनूजा और विजय पांड्या ने इस सीडी को तैयार कराया था। 14 अगस्त 2017 को रिंकू, विजय और कैलाश मुरारका फ्लाइट से मुंबई गए थे। वहां तीनों दो दिन तक एक होटल में रुके और इस दौरान मानस साहू के स्टूडियो में गए।
CBI के अनुसार, मुंबई में उन्होंने सीडी की समीक्षा की थी। इस मामले में कारोबारी लवली खनूजा सरकारी गवाह बने और उन्होंने CBI को जानकारी दी कि 23 अगस्त 2017 को रिंकू खनूजा ने इस विषय में उनसे संपर्क किया था।
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