भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : छत्तीसगढ़ में बीएड प्रशिक्षित सहायक शिक्षक, जिन्हें उनकी सेवाओं से हटा दिया गया था, अपनी पुनर्बहाली और सेवा सुरक्षा की मांग को लेकर विधानसभा रोड पर धरना दे रहे हैं। घुटनों के बल बैठकर इन शिक्षकों ने सरकार से जल्द फैसला लेने की अपील की।
VIP मूवमेंट के दौरान तख्तियों के साथ विरोध
विधानसभा जाने वाले मार्ग पर जब वीआईपी मूवमेंट चल रहा था, तब ये शिक्षक तपती धूप में तख्तियां लेकर बैठे रहे। वे सत्ता पक्ष और विपक्ष के जनप्रतिनिधियों का ध्यान अपनी ओर खींचने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन किसी ने उनकी बात सुनना जरूरी नहीं समझा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उनसे तख्तियां छीन लीं और वहां से हटने को मजबूर कर दिया।
संघर्ष की लंबी यात्रा, लेकिन कोई समाधान नहीं
प्रदर्शन में शामिल शिक्षक रमा बरिहा और प्रमोद साहू ने बताया कि वे सरगुजा से रायपुर तक संघर्ष यात्रा कर चुके हैं। उन्होंने डेढ़ महीने तक भूख हड़ताल, यज्ञ, जल सत्याग्रह और दंडवत करते हुए सरकार से अपनी बहाली की गुहार लगाई, लेकिन अभी तक उनकी मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
सरकार के आश्वासन के बावजूद ठोस निर्णय नहीं
शिक्षकों का कहना है कि जब मरीन ड्राइव में उनके अभिभावकों द्वारा शांतिपूर्ण रैली निकाली गई थी, तब प्रशासन ने उसे दबा दिया था। इसके बाद शिक्षकों के प्रतिनिधियों को बैठक के लिए बुलाया गया, जहां आश्वासन दिया गया कि आचार संहिता के बावजूद उनकी सेवा सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। लेकिन अब तक इस संबंध में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे उन्हें एक बार फिर आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ा।
सरकार से जल्द निर्णय की अपील
प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों को उम्मीद है कि सरकार उनकी स्थिति को समझेगी और उनकी बहाली को लेकर जल्द से जल्द कोई ठोस कदम उठाएगी। वे चाहते हैं कि उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से ले और उचित निर्णय करे।
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