भिलाई की पत्रिका न्यूज़ :भिलाई , छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम बुधवार को अचानक भिलाई पहुंचे। इस दौरे की सूचना उन्होंने किसी को पहले से नहीं दी थी। निरीक्षण के दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने 6 साल की बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म व हत्या की घटना को बेहद पीड़ादायक और चिंताजनक बताया। डीजीपी ने कहा कि इस जघन्य अपराध की जांच पुलिस पूरी ईमानदारी और तत्परता से कर रही है।
उन्होंने इस मामले को समाज को हिला देने वाला करार देते हुए कहा कि दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा दिलाने के लिए केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाएगा, जिससे पीड़िता के परिवार को शीघ्र न्याय मिल सके।
डीजीपी गौतम ने नशे की बढ़ती समस्या पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह छत्तीसगढ़ पुलिस के सामने एक बड़ी चुनौती बन गई है, खासकर जब युवा और बच्चे इसकी चपेट में आ रहे हैं। यह प्रवृत्ति भविष्य के लिए खतरे की घंटी है।
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उन्होंने जानकारी दी कि पुलिस लगातार नशे का व्यापार करने वालों और तस्करों पर शिकंजा कस रही है, लेकिन इस लड़ाई में जनभागीदारी भी बेहद जरूरी है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि वे नशामुक्ति अभियान में सक्रिय होकर भाग लें और बच्चों को इस लत से बचाने में सहयोग करें।
डीजीपी ने पहले पुलिस कंट्रोल रूम का दौरा किया और वहां से सीधे पास में स्थित भिलाई नगर थाने का निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने थाने की व्यवस्था की विस्तृत जानकारी ली और वहां कार्यरत स्टाफ और अधिकारियों से संवाद किया। निरीक्षण के समय उनके साथ दुर्ग रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग, एसपी जितेंद्र शुक्ला समेत अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद थे।
डीजीपी गौतम ने स्पष्ट किया कि उनका यह दौरा पूर्व नियोजित नहीं था। इसका उद्देश्य थाना स्तर की गतिविधियों को नजदीक से समझना और पुलिसिंग की बुनियादी व्यवस्था को बेहतर बनाना था। उन्होंने थाना प्रभारी व अन्य कर्मचारियों को निर्देशित किया कि वे आम लोगों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करें और अपराधों की रोकथाम को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
उन्होंने कहा कि पुलिस की निरंतर कार्रवाई का मूल उद्देश्य यही है कि समाज में अपराधियों के हौसले पस्त हों और आमजन खुद को सुरक्षित महसूस करें।
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