भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : कुपवाड़ा (जम्मू-कश्मीर): एलओसी से सटे गांवों में दहशत का माहौल है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने बौखलाहट में बम बरसाने शुरू कर दिए। चौकीबल और पुंछ जैसे सीमावर्ती गांवों में लोग अब बंकरों में छिपे हैं, या फिर गांव छोड़कर सुरक्षित जगहों की ओर जा चुके हैं।
7 मई की सुबह बमों की आवाज़ से गूंज उठा बॉर्डर
पूर्व डिप्टी सरपंच वशीर अहमद लोन, जो कुपवाड़ा के चौकीबल गांव में रहते हैं, बताते हैं – "हम ऑपरेशन सिंदूर से बेहद खुश हैं। आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब मिला है। ये बहुत जरूरी था।" लेकिन इसी के साथ वे बताते हैं कि पाकिस्तानी चौकियों से हुई बमबारी में उनके गांव को भारी नुकसान हुआ है।
“हमारे घर तबाह हो गए, लेकिन दिल में सुकून है कि इस बार जवाब मिला।”
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बच्चे डरे हुए, महिलाएं सहमीं, गांव खाली7 मई की सुबह करीब 8 बम गिराए गए। सौभाग्य से जान का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन कई घर, दुकानें और गाड़ियाँ चकनाचूर हो गईं। लोग खौफ में हैं, खासकर बच्चे और महिलाएं।
कासिम खान बताते हैं, "जब अजान हो रही थी, तभी बम गिरने लगे। हमने घर, दुकान सब छोड़ दिया। जान बचाना जरूरी था।"
मोहम्मद शफी, जो इसी इलाके के रहने वाले हैं, कहते हैं – "पाकिस्तान लगातार उरी और चौकीबल में बमबारी कर रहा है। गांव के गांव खाली हो रहे हैं। लेकिन हमें इस एक्शन पर गर्व है।"
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पुंछ में बड़ा नुकसान, शहीद हुआ एक जवान
ऑपरेशन सिंदूर में 9 आतंकी ठिकाने तबाह किए गए। इसके बाद पाक सेना ने जवाबी हमलों में पुंछ के इलाकों को निशाना बनाया। एक जवान शहीद हुआ और 12 से ज्यादा नागरिकों की जान चली गई। 50 से ज्यादा लोग घायल हैं।
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