दुर्ग के कांवड़िए की बाबा धाम पहुंचने से पहले मौत, सीने में उठा तेज दर्द; दुर्ग बायपास हादसे में 21 साल की युवती ने भी गंवाई जान

दुर्ग से बाबा बैद्यनाथ को गंगाजल चढ़ाने निकले एक कांवड़िए की मंजिल तक पहुंचने से पहले ही सांसें थम गईं। 29 वर्षीय मनी चंद्रा सुल्तानगंज से पैदल देवघर जा रहे थे, तभी रास्ते में अचानक उनके सीने में तेज दर्द उठा। दूसरी ओर दुर्ग बायपास पर दर्शन के लिए जा रहे बाइक सवारों के साथ हुए हादसे में 21 वर्षीय युवती की भी जान चली गई। दोनों घटनाओं ने परिवार और साथियों को गहरे सदमे में डाल दिया।

बाबा धाम की यात्रा अधूरी रह गई

दुर्ग के गया नगर निवासी मनी चंद्रा करीब 35 कांवड़ियों के समूह के साथ बाबा धाम के लिए निकले थे। दुर्ग से रवाना होकर उनका जत्था एक हजार किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय करते हुए बिहार के सुल्तानगंज पहुंचा था।

सोमवार, 10 अगस्त को सभी कांवड़ियों ने सुल्तानगंज में गंगा स्नान किया। इसके बाद गंगाजल लेकर पैदल देवघर की ओर आगे बढ़ गए।

मंगलवार रात जत्था सुल्तानगंज से लगभग 27 किलोमीटर दूर मनिया मोड़ के पास पहुंचा था। इसी दौरान मनी के सीने में अचानक तेज दर्द शुरू हो गया।

कुछ ही समय में उनकी तबीयत बिगड़ गई। साथ चल रहे कांवड़ियों ने उन्हें संभाला और पास में बनाए गए अस्थायी स्वास्थ्य शिविर तक पहुंचाया।

वहां मौजूद डॉक्टरों ने उनकी जांच की। हालत गंभीर होने पर उपचार का प्रयास किया गया, लेकिन मनी को बचाया नहीं जा सका। जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृ-त घोषित कर दिया।

शुरुआती तौर पर मौत की वजह हार्ट अटैक होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि वास्तविक कारण पोस्टमॉर्टम और मेडिकल जांच के बाद ही साफ हो सकेगा।

पत्नी ने इलाज को लेकर उठाए सवाल

मनी की पत्नी ने आरोप लगाया कि उनके पति को मौके पर सही इलाज नहीं मिल पाया। उनका कहना है कि अगर प्रशासन की ओर से समय रहते उचित उपचार मिल जाता तो शायद उनके पति आज उनके बीच होते।

उन्होंने बताया कि उनकी दो छोटी बच्चियां हैं और अब उनके पालन-पोषण की जिम्मेदारी उनके सामने बड़ी चिंता बन गई है।

दर्शन से करीब 100 किलोमीटर पहले थम गई यात्रा

मनी चंद्रा बाबा बैद्यनाथ के दर्शन करने और वहां जल चढ़ाने की इच्छा लेकर अपने साथियों के साथ सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा कर सुल्तानगंज पहुंचे थे।

सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर उन्होंने देवघर की पैदल यात्रा शुरू की थी। लेकिन मंजिल से करीब 100 किलोमीटर पहले ही उनकी यात्रा खत्म हो गई।

मनी की मौत की खबर मिलने के बाद साथ चल रहे कांवड़ियों के बीच शोक फैल गया। कुछ समय के लिए कांवड़िया पथ पर भी माहौल गमगीन हो गया। साथियों ने यात्रा रोककर घटना की जानकारी उनके परिवार को दी।

अब मनी का शव दुर्ग लाने की तैयारी की जा रही है। शव पहुंचने के बाद उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

दुर्ग बायपास पर बाइक खाई में गिरी, युवती की मौ-त

इसी बीच दुर्ग में एक अन्य दर्दनाक घटना सामने आई। रायपुर से राजनांदगांव स्थित बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए निकले बाइक सवारों का दल दुर्ग बायपास पर हादसे का शिकार हो गया।

अंजोरा चौकी क्षेत्र में आशीर्वाद बार के सामने एक बाइक अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे खाई में जा गिरी।

बाइक पर डिगेश्वर साहू वाहन चला रहे थे, जबकि 21 वर्षीय सना निहाल पीछे बैठी थीं। हादसे में दोनों घायल हो गए।

जानकारी के मुताबिक रायपुर से कुछ लोग 10 अगस्त को दो बाइकों से राजनांदगांव के बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए निकले थे। सभी दुर्ग बायपास से होते हुए राजनांदगांव की ओर जा रहे थे।

इसी दौरान आगे चल रही बाइक की रफ्तार धीमी हुई। डिगेश्वर पीछे आ रहे साथियों की तरफ देखने लगे। इसी समय बाइक का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क किनारे खाई में जा गिरी।

अस्पताल पहुंचाया, इलाज के दौरान युवती ने द-म तोड़ा

घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची। दोनों घायलों को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया।

अस्पताल में उपचार के दौरान सना निहाल ने द-म तो-ड़ दिया। वहीं बाइक चला रहा युवक भी घायल हुआ है।

अंजोरा चौकी प्रभारी चंद्रशेखर सोनी ने बताया कि पुलिस ने घटना के संबंध में मामला दर्ज कर लिया है और जांच की जा रही है।