भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : उत्तराखंड के देहरादून में श्रद्धा वॉकर हत्याकांड जैसे मामले सामने आए. वह जिसमें लड़की के लिव-इन पार्टनर ने उसको मौत के घाट उतार कर उसके शव को एक सूटकेस में भर कर और जंगल में छोड़ दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी प्रेमी ने यह हत्या तीन महीने पहले दिसंबर 2023 में की थी|
जानकारी के मुताबिक, शहरुल नाम की महिला ने 29 जनवरी को हरिद्वार के पटेल नगर स्थित एक पुलिस स्टेशन में अपनी बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी|
उन्होंने कहा कि उनकी 24 वर्षीय बेटी शाहनूर कुछ दिनों से लापता थी. वह देहरादून में आईएसबीटी की संस्कृत लोक कॉलोनी के पास किराए के कमरे में रहती थी। पुलिस ने शिकायत लेकर जांच शुरू की।
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कई दिनों तक इस लड़की का कोई पता नहीं चला. बाद में पुलिस को देहरादून के आशारोली जंगल में दुर्गंधयुक्त एक सूटकेस मिला।
जब पुलिस ने ट्रंक खोला, तो उन्हें अंदर एक क्षत-विक्षत शव मिला। शवों की पहचान करना मुश्किल था. पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया तो पता चला कि शव किसी दूसरे व्यक्ति का नहीं, बल्कि हरिद्वार के पटेल नगर थाने से लापता हुई लड़की का है|
देहरादून और हरिद्वार पुलिस ने दोबारा संयुक्त रूप से घटना की आगे की जांच की. पता चला कि यह हत्या 23 वर्षीय राशिद ने की थी. पुलिस राशिद की तलाश में जुटी रही. एक दिन उसे सूचना मिली कि रशीद संस्कृति लोक कॉलोनी स्थित उस के कमरे पर आया है|
पुलिस ने उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया. जब पूछताछ शुरू हुई तो राशिद तुरंत फूट-फूट कर रोने लगे. उसने अपना अपराध कबूल कर लिया. तब आरोपी ने सारी कहानी बतानी शुरू की।
राशिद ने पुलिस को बताया कि वह बागोवाली में मोटरसाइकिल मरम्मत का काम करता था। 2017 - 2018 में एक फोन के माध्यम से उसकी पहचान शहनूर से हुई।
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तब से दोनों लगातार संपर्क में थे। सितंबर 2023 में वह शहनूर से मिलने देहरादून आया जिसके बाद दोनों ने आईएसबीटी के संग संस्कृत कॉलोनी के पास एक कमरा किराए पर लिया और साथ रहने लगे।
शहनूर ने उसे बताया कि वह एक ब्यूटी पार्लर की दुकान में काम करती है। लेकिन जब उन्होंने उससे उसका पता पूछता तो वह हमेशा टाल देती। युवती अक्सर देर रात कमरे में आती थी, कभी-कभी अगली सुबह। इसलिए राशिद को लगा कि शाहनूर का किसी और से संबंध है।
इसलिए वह देर से घर आती है| 27 दिसंबर को भी वह रात के 2 बजे घर लौटी जिसके बाद दोनों के बीच बहस हो गई। लड़ाई के दौरान शहनूर ने उसे थप्पड़ मार दिया | जिसके बाद राशिद को गुस्सा आ गया और उसने शाहनूर का गला दबा दिया।
घटना के अगले दिन वह शहनूर की स्कूटी पर सवार होकर पटेल नगर लालपुल की ओर चला गया। वहां उसने शाहनूर के एटीएम कार्ड से 17 हजार रुपये भी निकाल लिये|
उसके बाद, उसने एक बड़ा लाल सूटकेस खरीदा, उसमें उसका शव डाला और जंगल में फेंक दिया। पकड़े जाने के डर से वह शाहनूर की स्कूटर पर सवार होकर अपने गांव बागोवली मुजफ्फरनगर और वहां से अपनी बहन के घर पानीपत पहुंचा। 30 मार्च को जब वह देहरादून स्थित अपने कमरे से अपना सामान लेने गया तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
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