भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : अजमेर. रामगंज थाना क्षेत्र के कंचन नगर स्थित मुहम्मदी मस्जिद में 15 दिन पहले हुई मौलाना माहिर की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में 6 बच्चों को निरुद्ध किया गया है|बता दे की मस्जिद के एक तालीम कमरे में बच्चों को सेल फोन पर अश्लील वीडियो दिखाए जाते थे और उनके साथ अश्लील हरकतें की जाती थीं। बच्चे उसकी घृणित गतिविधियों से तंग आ गए और मौलाना को मारने की साजिश रची और हत्या कर दी|
ईटीवी भारत के रिपोर्ट्स के अनुसार अजमेर पुलिस निरीक्षक देवेन्द्र बिश्नावी ने बताया कि 27 अप्रैल को कंचन नगर स्थित मुहम्मदी मस्जिद में यूपी निवासी 32 वर्षीय मौलाना माहिर की हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद जांच के दौरान सामने आया कि तीन लोग आए थे। मस्जिद के पीछे से आये और मौलाना को डंडे से पीटकर हत्या कर दी| मौलाना माहिर के भाई मोहम्मद काशिफ अशरफ ने रामगंज थाने में हत्या की शिकायत दर्ज करायी थी.
घटना की जांच में पता चला कि मौलाना माहिर को डंडे से पीटकर उसको गया था |लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला कि उसकी गला दबाकर हत्या की गयी है. यह एक महत्वपूर्ण सुराग था जिसके बारे में गवाहों ने बात नहीं की। इस बार पुलिस को शक हुआ और उसने उन सभी बच्चों और उनके माता-पिता को पूछताछ के लिए बुलाया, जो घटना के समय मस्जिद में थे।
इन बच्चों से मनोवैज्ञानिक पूछताछ की गई। बाद में बच्चों ने स्वीकार किया कि उन्होंने मौलाना माहिर की योजना पहले से बना रखी थी. बच्चों ने कहा कि मौलाना माहिर ने उन्हें अपने मोबाइल फोन पर अश्लील वीडियो दिखाए और फिर उनके साथ अश्लील व्यवहार किया करते थे|
हत्याकांड से कुछ दिन पहले एक बच्चा मस्जिद में पढ़ाई के लिए आया था. मौलाना ने लड़के के साथ दुष्कर्म करने की कोशिश की, लेकिन लड़के ने अपने परिवार को सब कुछ बताने की धमकी दी. इसलिए, मौलाना उसके साथ कुछ भी गलत नहीं कर पाया |
पूछताछ में बच्चों ने बताया कि मौलाना माहिर ने तालीम ले रहे दो भाइयों में से छोटे भाई के साथ गलत कृत्य किया। हत्या करने से पहले बच्चों ने रात के खाने में खेलते समय मौलाना माहिर की हत्या करने की योजना बनाई. मौलाना के दुर्व्यवहार से सभी बच्चे परेशान थे।
बच्चों ने खाने में नींद की गोलियाँ मिलाने की योजना बनाई, लेकिन उस दिन रात का खाना मौलाना बाहर से खाकर आ गया। अत: उस दिन हत्या की योजना विफल हो गई। लेकिन योजना को किसी भी तरह क्रियान्वित करना ही था। इसलिए बूंदी के रायते में नींद की गोलियां मिला दीं और मौलाना माहिर ने रायता पीने को दे दिया. रायता पीने के बाद मौलाना माहिर को उल्टी भी हुई। मौलाना माहिर ने बच्चों से जलजीरा मंगवाकर पीया | जलजीरा पीने के बाद मौलाना सो गये|
मौलाना को रात में सोते समय बच्चो ने डंडे से पीटा| इसके बाद मौलाना की गर्दन को रस्सी से कस दिया गया। मौलाना की हत्या के बाद बच्चों ने पुलिस को बताया कि मस्जिद के पीछे लाठियां फेंकी गई थीं, जिन्हें उन्होंने उठाकर मस्जिद परिसर में जमा कर दिया. बच्चों ने मौलाना माहिर की गर्दन को रस्सी से तब तक दबाए रखा जब तक उनकी मौत नहीं हो गई|
उनके मुताबिक, जिस मेडिकल सप्लाई स्टोर से बच्चों ने नींद की गोलियां खरीदी थीं, उसकी भी पुष्टि हो गई है। बच्चों ने घटनास्थल पर मौजूद अन्य सबूतों को भी नष्ट करने की कोशिश की. एफएसएल रिपोर्ट भी काफी मददगार रही. उन्होंने बताया कि हत्या में प्रयुक्त लाठी, रस्सी और मौलाना माहिर का गायब मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया गया है। इस घटना के दौरान, विधि से संघर्षरत छह बच्चों को निरुद्ध किया गया |
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