भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान लोकसभा में राहुल गांधी के भाषण पर जोरदार चर्चा हो रही है। कांग्रेस पार्टी इसे ऐतिहासिक बता रही है, जबकि भारतीय जनता पार्टी इसे हिंदुओं के अपमान के रूप में देख रही है।
मिडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राहुल गांधी ने अपने भाषण में भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर इशारा करते हुए कहा था कि वे लोग लगातार हिंदू-हिंदू करते रहते हैं। जो लोग खुद को हिंदू कहते हैं, वे 24 घंटे हिंसा और नफरत फैलाते रहते हैं।
गृह मंत्री अमित शाह ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने कहकर कि हिंदू हिंसा और नफरत फैलाते हैं, करोड़ों हिंदुओं का अपमान किया है। इसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए।
राहुल गांधी के इस बयान के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी सीट से उठकर विरोध जताया। उनके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र यादव, और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित कई बीजेपी नेताओं ने भी राहुल गांधी के बयान पर आपत्ति जताई। बढ़ते विरोध को देखते हुए राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी और नरेंद्र मोदी का मतलब हिंदू नहीं है। हिंदू समाज शांतिप्रिय है और सबको साथ लेकर चलने की बात करता है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि हिंदू भारत की मूल आत्मा है। हिंदू सहिष्णुता, उदारता और कृतज्ञता का पर्याय है। गर्व है कि हम हिंदू हैं! आपको विश्व के करोड़ों हिंदुओं से माफी मांगनी चाहिए राहुल जी! सिर्फ एक समुदाय को नहीं, आपने भारत माता की आत्मा को लहूलुहान किया है।
राहुल गांधी के इस बयान के बाद बीजेपी के कई नेता उनकी आलोचना कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ट्वीट कर लिखा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा हिंदू समाज के बारे में की गई आपत्तिजनक टिप्पणी की मैं निंदा करता हूँ। राहुल जी को संसद में भाषा की मर्यादा रखते हुए तथ्यों के आधार पर बात करनी चाहिए।
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