भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : 📍रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल साइबर फ्रॉड का शिकार बने, जब उन्हें वॉट्सएप पर ट्रैफिक चालान की चेतावनी भेज कर रिडायरेक्ट किया गया फेक ऐप डाउनलोड करने के लिए। तुरंत सावधान हो जाइए!
49 वर्षीय रिटायर्ड कर्नल को एक मैसेज मिला, जिसमें कहा गया कि उनकी गाड़ी से ट्रैफिक नियम का उल्लंघन हुआ है और ₹1000 का चालान भरना है। साथ ही ‘e‑parivahan.apk’ नाम की एक फाइल भेजी गई थी।
उन्हें ऐसा लगा कि यह कोई सरकारी नोटिस हो सकता है, इसलिए उन्होंने फाइल डाउनलोड कर एप इंस्टॉल कर लिया।
इंस्टॉल होते ही मोबाइल का पूरा कंट्रोल फ्रॉडर्स के हाथ में चला गया और कुछ ही देर में उनके बैंक खाते से ₹1.2 लाख से अधिक राशि निकाल ली गई।

✍️ क्या है ये फेक ई‑चालान स्कैम?
राजेश दंडोतिया, एडिशनल डीसीपी, क्राइम ब्रांच, इंदौर और राहुल मिश्रा, साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट, यूपी पुलिस बताते हैं:
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यह स्कैम एक नया साइबर फ्रॉड है जिसमें स्कैमर्स खुद को ट्रैफिक अथॉरिटी बताकर वॉट्सएप, SMS या ई‑मेल भेजते हैं।
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इसमें एक फेक ऐप जैसे ‘e‑parivahan.apk’ का लिंक होता है।
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जब यूजर इसे इंस्टॉल करता है, तो वह मालवेयर फोन की संवेदी जानकारी चुरा लेता है—SMS, कॉन्टैक्ट, बैंकिंग ऐप्स, OTP सब कुछ।
✍️ क्या है ये फेक ई‑चालान स्कैम?
राजेश दंडोतिया, एडिशनल डीसीपी, क्राइम ब्रांच, इंदौर और राहुल मिश्रा, साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट, यूपी पुलिस बताते हैं:
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यह स्कैम एक नया साइबर फ्रॉड है जिसमें स्कैमर्स खुद को ट्रैफिक अथॉरिटी बताकर वॉट्सएप, SMS या ई‑मेल भेजते हैं।
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इसमें एक फेक ऐप जैसे ‘e‑parivahan.apk’ का लिंक होता है।
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जब यूजर इसे इंस्टॉल करता है, तो वह मालवेयर फोन की संवेदी जानकारी चुरा लेता है—SMS, कॉन्टैक्ट, बैंकिंग ऐप्स, OTP सब कुछ।
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⚖️ असली और फेक ई‑चालान में कैसे पहचानें फर्क?
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असली चालान: सरकार की ऑफिशियल SMS ID (VK‑MORTH, CH‑TRAFF आदि) से आता है, और इसमें कोई APK फाइल या संदिग्ध लिंक नहीं होता। पेमेंट के लिए https://echallan.parivahan.gov.in जैसी वेबसाइट पर जाना पड़ता है।
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फेक चालान: इसमें डर दिखाकर जल्दी निर्णय लिया जाता है और APK या लिंक पर क्लिक करने के लिए दबाव बनाया जाता है।
✅ फेक ऐप से बचने के उपाय:
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सिर्फ Google Play Store या Apple App Store से ही सरकारी ऐप डाउनलोड करें।
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संदिग्ध लिंक या APK फाइल न खोलें, चाहे वह ट्रैफिक नोटिस जैसा दिखे।
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मोबाइल में एंटी‑वायरस/सिक्योरिटी ऐप जरूर रखें, लेकिन पूर्ण सुरक्षा की गारंटी नहीं होती।
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अगर किसी को ऐसा मैसेज मिलता है तो उन्हें तुरंत सचेत करें।
🔄 अगर गलती से डाउनलोड हो गया ऐप तो तुरंत करें ये स्टेप्स:
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APK अनइंस्टॉल करें।
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मोबाइल की सेटिंग्स में जाकर सभी परमिशन हटाएं।
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बैंक, UPI और सोशल ऐप्स के पासवर्ड बदलें।
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तुरंत नजदीकी साइबर क्राइम सेल या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
📢 इस तरह के फ्रॉड खासकर उन लोगों को निशाना बनाते हैं जो ट्रैफिक मे नियमों का गम्भीरता से पालन करते हैं।
👥 अगर आपको या आपके परिचितों को ऐसा मैसेज मिले तो फौरन अपनों को अलर्ट करें।
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