भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : 📍 बारिश जहां इंसानों के लिए राहत लेकर आती है, वहीं पालतू जानवरों के लिए कई समस्याएं खड़ी कर देती है। बढ़ती नमी और गंदगी की वजह से पेट्स में टिक्स, एलर्जी और इन्फेक्शन तेजी से फैलने लगते हैं।
मानसून के दौरान गरजती बिजली, तेज हवाएं और गीला मौसम पालतू जानवरों में डर, बेचैनी और थकावट की वजह बन सकता है। ऐसे में उनका ध्यान रखना बेहद जरूरी हो जाता है।
🐾 ‘ज़रूरत की खबर’ में आज बात करेंगे – कैसे रखें बारिश में पेट्स की हाइजीन और हेल्थ का ध्यान।

🩺 डॉक्टर से जानिए - किन बीमारियों का होता है खतरा?
डॉ. सरस्वती शुक्ला, पशु चिकित्साधिकारी (कैनाइन रेबीज कंट्रोल यूनिट, लखनऊ) के अनुसार, इस मौसम में नमी के कारण टिक्स और पिस्सू का हमला बढ़ जाता है।
टिक्स जानवरों की स्किन से चिपककर खून चूसते हैं और शरीर में बैक्टीरिया फैला सकते हैं। इससे बुखार, सुस्ती, स्किन रैशेज और कमजोरी हो सकती है।
पिस्सू के काटने से तेज खुजली और एलर्जिक रिएक्शन हो सकते हैं। यह इन्फेक्शन अगर समय पर रोका न जाए तो खतरनाक रूप ले सकता है।
⚠️ इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
बारिश के मौसम में अगर आपके पेट में ये लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:
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थकावट और सुस्ती
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स्किन पर चकत्ते या फंगल पैच
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लगातार खुजली या बाल झड़ना
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बुखार या शरीर गरम लगना
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कानों से दुर्गंध या आंखों में पानी
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भूख कम लगना या खाना छोड़ देना
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उल्टी, दस्त या सूजन
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सांस लेने में परेशानी
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🌧️ बारिश में पेट्स की सेहत के लिए अपनाएं ये 10 ज़रूरी उपाय:
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सूखी और साफ जगह पर सुलाएं: गीला बिस्तर तुरंत बदलें, सोने की जगह हवादार रखें।
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टिक्स और पिस्सू से बचाव: रोजाना ब्रश करें, खुजली दिखे तो डॉक्टर को दिखाएं।
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कानों की सफाई करें: हर 7–10 दिन में सॉफ्ट ईयर क्लीनर से सफाई करें।
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पंजों की देखभाल: हर वॉक के बाद पैरों को गुनगुने पानी से धोकर सुखाएं।
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भीगने पर तुरंत सुखाएं: तौलिये से पोंछकर ड्रायर या सूखे कंबल में लपेटें।
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फर्श को सूखा रखें: फिसलन से बचाने के लिए मैट बिछाएं।
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वैक्सीनेशन और डिवॉर्मिंग: समय-समय पर टीकाकरण और पेट के कीड़ों की दवा दें।
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इनडोर गेम्स से एक्टिव रखें: घर पर टॉयज और हल्की एक्सरसाइज करवाएं।
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हेल्दी डाइट दें: हल्का और पोषक खाना दें, बासी खाना बिल्कुल न दें।
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साफ पानी पिलाएं: उबला या फिल्टर्ड पानी पिलाएं, दिन में 2–3 बार बदलें।
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❓ रोज नहलाना ज़रूरी है क्या?
डॉ. शुक्ला बताती हैं कि रोज नहलाना जरूरी नहीं, लेकिन हफ्ते में 1–2 बार एंटी-फंगल शैम्पू से जरूर नहलाएं। बाकी दिन ड्राई बाथ या वाइप्स से साफ रखें।
✂️ क्या हेयरकट फायदेमंद है?
जी हां, खासकर लंबे बालों वाले पेट्स में ट्रिमिंग जरूरी होती है ताकि नमी जमा न हो और स्किन को हवा मिलती रहे।
📢 आपके प्यारे पेट्स की सेहत हमारे लिए भी उतनी ही जरूरी है। इस खबर को जरूर शेयर करें ताकि हर पालतू जानवर को मिले सही देखभाल।
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