छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में बड़ी कार्रवाई: 22 आबकारी अधिकारी निलंबित, CM साय ने कहा – दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा..

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ :शराब घोटाले में छत्तीसगढ़ सरकार की सबसे बड़ी कार्रवाई, 22 आबकारी अधिकारी निलंबित

छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित शराब घोटाले को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग के 22 अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस पर सख्त रुख दिखाते हुए साफ कहा – "यह घोटाला कांग्रेस सरकार के समय हुआ था, और जांच अभी भी जारी है। जो भी दोषी मिलेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।

शराब घोटाले में 22 अधिकारी निलंबित - छत्तीसगढ़ प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

EOW की रिपोर्ट के बाद आया निलंबन आदेश

वाणिज्यिक कर विभाग ने यह कार्रवाई उस समय की जब 7 जुलाई को आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने 29 आबकारी अधिकारियों के खिलाफ विशेष अदालत में 2300 पन्नों का पूरक चालान दाखिल किया था।

इस चालान को कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही जिन अधिकारियों को समन भेजा गया था, वे पेश नहीं हुए। अब कोर्ट ने उन्हें 20 अगस्त तक उपस्थित होने का नोटिस दिया है।

कैसे हुआ बी-पार्ट शराब का घोटाला?

2019 से 2023 के बीच, प्रदेश के 15 बड़े जिलों में सरकारी शराब दुकानों में बिना टैक्स चुकाई गई देसी शराब की अवैध बिक्री की गई।

बस्तर और सरगुजा को छोड़ बाकी जिलों में ज्यादा खपत वाली दुकानों में डिस्टलरी से सीधे बी-पार्ट शराब भेजी जाती थी, जो वैध शराब के साथ समानांतर बेची जाती थी।

इस नेटवर्क में डिस्टलरी, ट्रांसपोर्टर, सेल्समैन, आबकारी अफसर, सुपरवाइजर, और मैनपावर एजेंसी के लोग शामिल थे।

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घोटाले की रकम 3200 करोड़ तक पहुंची

अब तक की जांच में सामने आया है कि लगभग 60 लाख पेटी से ज्यादा अवैध बी-पार्ट शराब बेची गई। पहले घोटाले की अनुमानित रकम 2174 करोड़ मानी जा रही थी, लेकिन अब यह बढ़कर 3200 करोड़ के पार हो गई है।

अब तक 13 गिरफ्तारियां, 70 आरोपी नामजद

इस घोटाले में अब तक अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर, अरुणपति त्रिपाठी, कवासी लखमा और विजय भाटिया समेत 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। FIR में कुल 70 आरोपी नामजद हैं, और चार अभियोग पत्र कोर्ट में पेश हो चुके हैं।

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पूर्व मंत्री पर 64 करोड़ का आरोप

जांच में खुलासा हुआ है कि पूर्व मंत्री कवासी लखमा के संरक्षण में यह पूरा नेटवर्क फल-फूल रहा था। आरोप है कि उनके हित में करोड़ों की राशि का दुरुपयोग हुआ।

अब तक तीन पूरक और एक मुख्य अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है।

जांच अभी भी जारी, और परतें खुलना बाकी

EOW और ACB की जांच अभी भी जारी है। विदेशी शराब से जुड़े सिंडीकेट कमीशन, मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क और राज्य स्तर पर चल रहे समन्वय तंत्र की गहराई से जांच की जा रही है।

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