आखिर PM मोदी ने सोना न खरीदने की अपील क्यों की?
रिपोर्ट्स के अनुसार पीएम मोदी ने कहा कि पहले संकट के समय लोग देशहित में सोना दान कर देते थे। अब दान की जरूरत नहीं है, लेकिन देश के लिए एक साल तक सोने के गहने न खरीदना भी बड़ी देशभक्ति हो सकती है। उन्होंने कहा कि इससे विदेशी मुद्रा बचाने में मदद मिलेगी।
दरअसल भारत अपनी जरूरत का लगभग 99 प्रतिशत सोना विदेशों से खरीदता है। साल 2025-26 में सोने का इम्पोर्ट बिल करीब 6.4 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया। सोने की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के चलते यह खर्च लगातार बढ़ रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी में करीब 100 टन सोना खरीदा गया था, लेकिन अप्रैल तक यह आंकड़ा घटकर सिर्फ 15 टन तक पहुंचने का अनुमान है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर लोग कम सोना खरीदेंगे तो देश का इम्पोर्ट बिल कम होगा और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव घटेगा।
पेट्रोल-डीजल कम इस्तेमाल करने की अपील के पीछे क्या वजह?
पीएम मोदी ने पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की भी अपील की। उन्होंने लोगों से मेट्रो का ज्यादा उपयोग करने, कार पूलिंग अपनाने और जरूरत होने पर वर्क फ्रॉम होम को प्राथमिकता देने को कहा।
इसके पीछे बड़ी वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं। अमेरिका-ईरान तनाव के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 70 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है। ऐसे में तेल महंगा होने से देश का इम्पोर्ट बिल तेजी से बढ़ रहा है।
जानकारी के मुताबिक भारत के इम्पोर्ट बिल में कच्चे तेल की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा 22 प्रतिशत से अधिक है। अगर पेट्रोल और डीजल की खपत कम होती है तो डॉलर की बचत होगी और सप्लाई पर दबाव भी घटेगा।
प्राकृतिक खेती पर जोर क्यों दे रही सरकार?
प्रधानमंत्री ने किसानों से केमिकल फर्टिलाइजर का उपयोग घटाकर प्राकृतिक खेती की तरफ बढ़ने की अपील भी की। भारत यूरिया, डीएपी और पोटाश जैसे खाद का बड़ा हिस्सा विदेशों से खरीदता है। सरकार इन पर भारी सब्सिडी भी देती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक अगर फर्टिलाइजर की खपत कम होती है तो सरकार का खर्च और इम्पोर्ट बिल दोनों कम होंगे। हालांकि इससे खेती की पैदावार प्रभावित होने की आशंका भी जताई जा रही है।
विदेश घूमने और डेस्टिनेशन वेडिंग रोकने की बात क्यों?
पीएम मोदी ने विदेश घूमने और डेस्टिनेशन वेडिंग्स को लेकर भी लोगों से एक साल तक सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि विदेशों में खर्च होने वाला पैसा अगर भारत में ही खर्च हो तो इससे देश की अर्थव्यवस्था को फायदा होगा और स्थानीय रोजगार बढ़ेंगे।
सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक 2025 में 3 करोड़ से ज्यादा भारतीय विदेश यात्रा पर गए। विदेशों में भारतीयों का खर्च लगातार बढ़ रहा है। अनुमान है कि अगर विदेश घूमने वाले लोगों की संख्या कम होती है तो हजारों करोड़ रुपए देश में बच सकते हैं।
खाने के तेल को लेकर भी PM मोदी ने क्यों दी सलाह?
प्रधानमंत्री ने खाने के तेल की खपत 10 प्रतिशत कम करने की भी बात कही। भारत अपने जरूरत के खाने के तेल का बड़ा हिस्सा विदेशों से मंगाता है। ऐसे में कम खपत होने से डॉलर की बचत होगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि इससे पहले भी पीएम मोदी लोगों से तेल का कम इस्तेमाल करने की अपील कर चुके हैं। मोटापा और दूसरी बीमारियों को देखते हुए भी यह सलाह दी गई थी।
क्या भारत की अर्थव्यवस्था पर बढ़ रहा दबाव?
विशेषज्ञों का कहना है कि पीएम मोदी की इन अपीलों के पीछे सबसे बड़ी वजह देश का घटता फॉरेन रिजर्व है। 1 मई तक भारत का विदेशी मुद्रा भंडार करीब 690 बिलियन डॉलर रह गया, जो कुछ महीने पहले के मुकाबले कम है।
हालांकि पूर्व भारतीय डिप्लोमैट निरुपमा राव का कहना है कि इसका मतलब यह नहीं है कि भारत की अर्थव्यवस्था संकट में है। उनका कहना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में सरकार, कारोबार और आम लोगों को मिलकर जिम्मेदारी निभानी होगी।
आम लोगों को सोना न खरीदने की सलाह, लेकिन RBI खुद क्यों खरीद रहा गोल्ड?
वहीं एक सवाल यह भी उठ रहा है कि जब आम लोगों से सोना न खरीदने की अपील की जा रही है, तब RBI खुद लगातार सोना क्यों खरीद रहा है। जानकारी के मुताबिक अक्टूबर 2025 से मार्च 2026 के बीच RBI ने 104 टन से ज्यादा सोना खरीदा है। अभी भारत के पास करीब 880 टन गोल्ड रिजर्व मौजूद है।
विशेषज्ञों के अनुसार दुनियाभर के कई देश अपने गोल्ड रिजर्व बढ़ा रहे हैं ताकि वैश्विक अस्थिरता के समय डॉलर पर निर्भरता कम हो सके। इसी वजह से भारत भी अपने गोल्ड रिजर्व को मजबूत कर रहा है।