घटना के बाद जांच में जुटी पुलिस के साथ डॉग स्क्वॉड भी मौके पर पहुंचा। स्निफर डॉग दुकान से करीब 1.5 किलोमीटर दूर गांधी नगर-काली नगर रोड तक पहुंचा और वहीं जाकर रुक गया। इसके बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों में सर्च अभियान शुरू किया।
पुलिस जांच में सामने आया कि चोरी के बाद दोनों आरोपी गरियाबंद के पांडुका पहुंचे थे, जहां उन्होंने पार्टी की थी। पुलिस को आशंका है कि साथी के पकड़े जाने की खबर मिलते ही मुख्य आरोपी डर गया और उसने फांसी लगा ली।
जांच में यह भी पता चला कि गांधी नगर और काली नगर इलाके के रहने वाले दोनों दोस्त आदतन अपराधी थे। इससे पहले भी वे कई इलाकों में चोरी की कोशिश कर चुके थे।
जानकारी के मुताबिक शनिवार देर रात दो नकाबपोश बदमाश बाइक से लक्ष्य ज्वेलर्स पहुंचे। आरोपियों ने कटर से ताला काटा और दुकान के अंदर घुस गए। करीब आधे घंटे तक दोनों दुकान के भीतर रहे और केवल सोने के जेवर लेकर फरार हो गए। चांदी और आर्टिफिशियल ज्वेलरी को उन्होंने हाथ तक नहीं लगाया।
रविवार को दुकान बंद होने के कारण चोरी की जानकारी नहीं मिल सकी। सोमवार सुबह दुकान खुलने पर मामला सामने आया। सूचना मिलते ही नॉर्थ जोन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। सीसीटीवी फुटेज में आरोपी आराम से बैग में जेवर भरते नजर आए।
पुलिस ने अभनपुर, चंद्रखुरी और शंकर नगर इलाके के करीब 300 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले। पुराने अपराधियों से पूछताछ और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर पुलिस देर रात कालीनगर इलाके तक पहुंची, जहां से एक नाबालिग आरोपी को पकड़ा गया। उसके पास से करीब 10 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवर बरामद हुए।
जब पुलिस मुख्य आरोपी की तलाश में उसके घर पहुंची तो दरवाजा बाहर से बंद मिला। जांच करने पर पता चला कि उसने घर के अंदर फांसी लगा ली है। बताया जा रहा है कि आरोपी के माता-पिता नहीं थे और वह अपनी बहनों के साथ रहता था। पुलिस को शक है कि वह छत के रास्ते घर के अंदर घुसा और खुदकुशी कर ली। हालांकि परिजनों का कहना है कि वह चोरी में शामिल नहीं था और उसे फंसाया गया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों आरोपियों ने लक्ष्य ज्वेलरी शॉप की दो दिनों तक रेकी की थी। शनिवार रात दुकान संचालक वंश मरपानी के दुकान बंद कर जाने के बाद देर रात करीब 2:19 बजे दोनों आरोपी बाइक से वहां पहुंचे।
अस्पताल के पास बाइक खड़ी कर दोनों पैदल दुकान तक पहुंचे। कटर से ताला काटकर शटर उठाया और करीब 20 मिनट के भीतर बैग में जेवर भरकर फरार हो गए। चोरी के अगले दिन दोनों गरियाबंद के पांडुका में पार्टी करने पहुंचे और देर रात वापस रायपुर लौट आए।
सोमवार सुबह जब चोरी की खबर फैली तो दोनों अलग हो गए। मुख्य आरोपी ज्यादातर जेवर अपने पास रखकर उन्हें बेचने की बात कहकर गायब हो गया था।
पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी कालीमाता वार्ड में किराए के मकान में रह रहे थे और मूल रूप से ओडिशा के निवासी हैं। पुलिस ने करीब 20 दिन पहले ही दुकान संचालक को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और सेंट्रल लॉक सिस्टम लगाने की सलाह दी थी, लेकिन इसके बावजूद आरोपी वारदात को अंजाम देने में सफल रहे।
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ऑफिस से लौटते हुए राहुल ने जैसे ही कमरे का दरवाज़ा खोला,
उसे वही पुरानी घुटन महसूस हुई—एक छोटा सा कमरा,
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रात के करीब 11:30 बजे थे।
बाहर हल्की-हल्की बारिश हो रही थी। कमरे में सिर्फ एक ट्यूबलाइट..
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