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छग: गड़ा धन!क्या 21 नरबलि की थी साजिश? 3 महीने में 8 मौतों के बाद कब्र से निकाले गए 7 शव,पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजर..

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : छग,खर्वे गांव में पिछले तीन महीनों के दौरान हुई 8 रहस्यमयी मौतों ने पूरे इलाके को चिंता में डाल दिया है। बलौदाबाजार जिले के कसडोल क्षेत्र स्थित इस गांव में लगातार हुई मौतों के बाद ग्रामीणों की मांग पर 7 शवों को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। अब पूरे गांव की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है।

ग्रामीणों के बीच इन मौतों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। गांव में तंत्र-मंत्र, गड़ा धन और नरबलि जैसी आशंकाओं की बातें भी सामने आई हैं। जब लगातार चार लोगों की मौत हुई थी, तब ग्रामीणों को लगा कि देवी-देवता नाराज हैं।

खर्वे गांव में 8 रहस्यमयी मौतों के बाद मचा हड़कंप

मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इसके बाद गांव में सामूहिक रूप से शांति पूजा कराई गई। पूजा के दौरान 3 बकरे, 1 सुअर और कई मुर्गों की बलि दी गई। हालांकि इसके बाद भी मौतों का सिलसिला नहीं रुका। ग्रामीणों का दावा है कि जमीन में गड़े धन के लिए 21 नरबलि की तैयारी की जा रही थी।

खर्वे गांव में मौतों का सिलसिला 6 फरवरी 2026 को बद्री पटेल की मौत से शुरू हुआ। इसके बाद 20 फरवरी को बुढालू साहू की मौत हुई। 12 मार्च को बुधराम जायसवाल, 20 मार्च को छत्तूराम साहू और 31 मार्च को विनोद साहू की जान चली गई।

इसके बाद 28 अप्रैल को गजानंद मांझी और 29 अप्रैल को चैतूराम साहू की मौत हुई। सबसे हालिया मामला 14 मई को महेतरू साहू की मौत का है। महज तीन महीने के भीतर 8 मौतों के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण कसडोल थाने पहुंचे थे।

मृतक चैतू साहू के भाई और विनोद साहू के चाचा कामता प्रसाद ने आरोप लगाया कि जिन लोगों की मौत हुई, उन्हें अलग-अलग समय पर रामसहाय जायसवाल ने शराब दी थी। उनका कहना है कि शराब पीने के कुछ समय बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और बाद में उनकी मौत हो गई।

गांव में सबसे ज्यादा चर्चा गजानंद मांझी की मौत को लेकर हो रही है। गजानंद वही व्यक्ति थे जिन्होंने गांव में शांति पूजा कराई थी। परिवार का दावा है कि घटना वाले दिन उन्हें शराब दी गई थी।

गजानंद मांझी की पत्नी साधिन बाई मांझी के अनुसार, उनके पति दोपहर में घर पर आराम कर रहे थे। इसी दौरान मोहनलाल जायसवाल शराब लेकर पहुंचे और उन्हें जगाया। बाद में गजानंद ने कोल्ड ड्रिंक में शराब मिलाकर पी। कुछ देर बाद उन्होंने रोटी का निवाला मुंह में रखा और अचानक जमीन पर गिर पड़े। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

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ग्रामीण मोहनलाल जायसवाल का कहना है कि जो शराब गजानंद मांझी तक पहुंची थी, वह रामसहाय जायसवाल द्वारा दी गई थी और उन्हें इसे गजानंद तक पहुंचाने के लिए कहा गया था।

लगातार हो रही मौतों के बीच महेतरू साहू की मौत के बाद गांव में एक बैठक बुलाई गई। इसी दौरान कार्तिक कुम्हार का मामला सामने आया, जो संदिग्ध परिस्थितियों में बीमार होने के बावजूद बच गया था।

कार्तिक कुम्हार ने बताया कि 14 मार्च को उसके दोस्त प्रमोद साहू ने उसे शराब दी थी। शराब पीते ही उसका स्वाद असामान्य रूप से कड़वा लगा। कुछ ही देर में पेट दर्द, उल्टियां और बेहोशी जैसी स्थिति बन गई।

बाद में प्रमोद साहू ने ग्रामीणों को बताया कि यह शराब उसे रामसहाय जायसवाल ने दी थी। प्रमोद ने खुद शराब नहीं पी थी और वही शराब कार्तिक को दे दी थी। इसके बाद ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग शुरू कर दी।

दूसरी ओर रामसहाय जायसवाल के बेटे रुद्रेश्वर का कहना है कि उनके पिता का बयान दर्ज किया जा चुका है और मोबाइल भी जब्त कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि उनके पिता आरोपों से इनकार कर रहे हैं, लेकिन जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, वही स्वीकार किए जाएंगे।

रामसहाय जायसवाल का घर और किराना दुकान गांव के मुख्य गुड़ी चौक पर स्थित है। ग्रामीणों के अनुसार गांव के अधिकांश लोगों का रोजाना आना-जाना इसी चौक से होता है। इसी वजह से उनका गांव के लोगों से लगातार संपर्क बना रहता था।

घटना के बाद गांव में रामसहाय के परिवार को लेकर नाराजगी का माहौल है। ग्रामीणों ने परिवार से दूरी बना ली है और उनकी किराना दुकान से खरीदारी भी बंद कर दी है। इसके चलते दुकान फिलहाल बंद पड़ी हुई है।

14 मई को महेतरू साहू नदी में नहाने गया था। उसी दौरान रामसहाय जायसवाल का बेटा रुद्रेश्वर भी वहां मौजूद था। नहाते समय महेतरू की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गया। रुद्रेश्वर ने अन्य लोगों की मदद से उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों का दावा है कि महेतरू को भी रामसहाय द्वारा आधी शराब दी गई थी।

खर्वे गांव के लोग कबीर पंथ को मानते हैं। इसी कारण मृतकों का अंतिम संस्कार दाह संस्कार की बजाय दफनाकर किया गया था। बाद में पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच के लिए कब्रों को दोबारा खोला गया और शवों को बाहर निकाला गया। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें फिर से दफना दिया गया।

मामले की जांच कर रहे कसडोल एसडीओपी के.के. वासनिक ने बताया कि अब तक 7 शवों को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। सभी नमूनों की जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट मिलने के बाद तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल मृतकों के परिजन न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं, वहीं आरोपों के घेरे में आए परिवार भी जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। पूरे खर्वे गांव की नजर अब पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जिससे इन रहस्यमयी मौतों की असली वजह सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।

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