कांग्रेस जिला अध्यक्ष और पूर्व महापौर धीरज बाकलीवाल ने मृतका के परिजनों को उचित मुआवजा देने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
वहीं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ता भी जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने सिविल सर्जन के केबिन में पहुंचकर नारेबाजी की और मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।
एबीवीपी पदाधिकारियों ने अपर कलेक्टर योगिता देवांगन और सीएमएचओ मनोज दानी की मौजूदगी में सिविल सर्जन अशीशन मिंज से इस्तीफे की मांग की। संगठन की ओर से शिकायत पत्र भी सौंपा गया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि जांच रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं की गई तो वे अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
मामले ने तूल पकड़ने के बाद कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देश पर जांच कमेटी गठित की गई है। अपर कलेक्टर योगिता देवांगन और सीएमएचओ दुर्ग मनोज दानी पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों के अनुसार यह घटना 1 जून की है। सिकलसेल बीमारी से पीड़ित दीपिका को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने ब्लड चढ़ाने की जरूरत बताई और परिजनों से डोनर की व्यवस्था करने को कहा।
परिजनों का कहना है कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे डोनर की व्यवस्था नहीं कर सके। इसी दौरान ब्लड उपलब्ध नहीं हो पाया और दीपिका की जा-न चली गई।
परिजनों ने आरोप लगाया है कि डॉक्टरों ने ब्लड चढ़ाने की बात कही थी, लेकिन ब्लड डिपार्टमेंट की ओर से ब्लड देने से इंकार कर दिया गया। उनका कहना है कि जिला अस्पताल में समय पर ब्लड उपलब्ध नहीं होने के कारण ही दीपिका की मौ-त हुई।
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ऑफिस से लौटते हुए राहुल ने जैसे ही कमरे का दरवाज़ा खोला,
उसे वही पुरानी घुटन महसूस हुई—एक छोटा सा कमरा,
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रात के करीब 11:30 बजे थे।
बाहर हल्की-हल्की बारिश हो रही थी। कमरे में सिर्फ एक ट्यूबलाइट..
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